'जय माता दी' के जयकारों से गूंजा वैष्णो धाम, सुहाने मौसम में भक्तों पर बरसी माता की कृपा

कटड़ा। माता वैष्णो देवी धाम में गुरुवार को मौसम और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। ठंडी हवाओं, सुहावने मौसम और भक्तिमय वातावरण के बीच हजारों श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ माता के पवित्र भवन की ओर बढ़ते रहे। दिनभर यात्रा पूरी तरह सुचारु रही और श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित माहौल में माता रानी के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस किया।

श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए बैटरी कार सेवा फिर से शुरू कर दी, जिससे बुजुर्गों, दिव्यांगों, महिलाओं और बच्चों को बड़ी राहत मिली। यात्रा मार्ग पर रोपवे, पालकी, पिट्ठू और घोड़ा सेवाएं भी लगातार संचालित होती रहीं, जिससे हर श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार यात्रा पूरी करता नजर आया।

हालांकि त्रिकूट पर्वत पर बादलों की आवाजाही के कारण हेलीकॉप्टर सेवा को एहतियातन अस्थायी रूप से रोका गया, लेकिन इससे यात्रा के अन्य साधनों पर कोई असर नहीं पड़ा। सभी पैदल और वैकल्पिक सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहीं और श्रद्धालुओं का उत्साह पूरे दिन बना रहा।

माता के दर्शन के बाद श्रद्धालुओं ने बाबा भैरवनाथ के मंदिर में भी दर्शन किए और कटड़ा बाजार में प्रसाद व धार्मिक सामग्री की खरीदारी कर अपनी यात्रा को यादगार बनाया। पूरे क्षेत्र में भक्तों की चहल-पहल और "जय माता दी" के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।

श्राइन बोर्ड, प्रशासन, पुलिस, सीआरपीएफ और आपदा प्रबंधन दल की सतर्क निगरानी के चलते यात्रा पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित रही। बरसात के मौसम को देखते हुए हर संवेदनशील स्थान पर विशेष इंतजाम किए गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं को निर्बाध सुविधाएं मिल रही हैं।

बुधवार को करीब 20 हजार श्रद्धालुओं ने माता रानी के दर्शन किए, जबकि गुरुवार शाम चार बजे तक लगभग 14 हजार श्रद्धालु पंजीकरण कर भवन की ओर रवाना हो चुके थे। श्रद्धालुओं का आगमन देर शाम तक लगातार जारी रहा।

आस्था, सुरक्षा और बेहतर सुविधाओं के साथ माता वैष्णो देवी की यात्रा निरंतर नई ऊंचाइयों को छू रही है और देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यादगार अनुभव बन रही है।