जम्मू-कश्मीर में बारिश का कहर: दो जगह बादल फटे, वैष्णो देवी बैटरी कार मार्ग बंद, 32 लोगों की मौत

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही मानसूनी बारिश और दो स्थानों पर बादल फटने की घटनाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कुलगाम के नंदीमार्ग और बारामूला के उड़ी क्षेत्र के लाछीपोरा में बादल फटने से कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। पहाड़ों से मलबा, कीचड़ और पेड़ बहकर आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंच गए, जिससे लोगों में दहशत फैल गई।

बारिश और भूस्खलन के चलते एहतियातन श्री माता वैष्णो देवी के बैटरी कार मार्ग पर यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी गई है, जबकि पुराने पैदल मार्ग से श्रद्धालुओं की यात्रा जारी है। त्रिकुटा पर्वत पर खराब मौसम के कारण कटड़ा-सांझीछत हेलीकॉप्टर सेवा भी दिनभर प्रभावित रही।

भारी बारिश के कारण शोपियां, अनंतनाग, कुलगाम, कुपवाड़ा, बारामुला, बांदीपोरा और बडगाम जिलों में नदी-नाले उफान पर हैं। कई रिहायशी इलाकों में पानी भर गया है और सड़क संपर्क बाधित हुआ है। शोपियां में राहत एवं बचाव दलों ने करीब 80 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया, जबकि कुपवाड़ा के लोलाब क्षेत्र में बाढ़ के तेज बहाव में एक महिला की मौत हो गई।

जम्मू संभाग के सांबा जिले में बलोल खड्ड में आई बाढ़ से बिजली ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा है। तेज बहाव के कारण 33 केवी बिजली लाइन के कई स्पैन क्षतिग्रस्त हो गए।

प्रशासन के अनुसार, मानसून के दौरान जम्मू-कश्मीर में बाढ़ और भूस्खलन से जुड़ी घटनाओं में अब तक 32 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य जारी है तथा लोगों से मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।