मध्य रेल का सख्त अभियान: 12.86 लाख बिना टिकट यात्रियों पर कार्रवाई, ₹101 करोड़ से अधिक जुर्माना वसूला

मुंबई। मध्य रेल ने बिना टिकट और अनधिकृत यात्रा के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल से जून) के दौरान टिकट जांच टीमों ने 12.86 लाख बिना टिकट या अमान्य यात्रा प्राधिकार के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ₹101.21 करोड़ का रिकॉर्ड जुर्माना वसूला।

रेलवे के अनुसार, पिछले वर्ष की समान अवधि में 11.34 लाख मामलों में ₹70.72 करोड़ का जुर्माना वसूला गया था। इस वर्ष मामलों की संख्या में करीब 14 प्रतिशत और जुर्माना वसूली में 43 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

मंडलवार प्रदर्शन

पहली तिमाही में मुंबई मंडल ने सबसे अधिक 6.02 लाख मामलों में ₹40.60 करोड़ का जुर्माना वसूला। इसके बाद भुसावल मंडल ने 2.66 लाख मामलों में ₹28.06 करोड़, पुणे मंडल ने 1.29 लाख मामलों में ₹11.11 करोड़, नागपुर मंडल ने 1.54 लाख मामलों में ₹10.91 करोड़, सोलापुर मंडल ने 0.70 लाख मामलों में ₹4.10 करोड़ तथा मुख्यालय ने 0.65 लाख मामलों में ₹6.43 करोड़ की वसूली की।

जून में भी अभियान जारी

केवल जून 2026 में ही मध्य रेल की टिकट जांच टीमों ने 3.55 लाख बिना टिकट यात्रियों को पकड़ा और ₹25.85 करोड़ का जुर्माना वसूला। यह जून 2025 की तुलना में जुर्माना वसूली में लगभग 24 प्रतिशत की वृद्धि है।

न्यूनतम जुर्माना बढ़ाकर ₹500

रेल मंत्रालय ने बिना टिकट यात्रा पर रोक लगाने के लिए न्यूनतम दंड राशि ₹250 से बढ़ाकर ₹500 कर दी है। इसके बाद मध्य रेल ने स्टेशन जांच, आकस्मिक जांच, फोर्ट्रेस जांच, गहन जांच और मेगा टिकट जांच अभियान को और तेज कर दिया है। यह अभियान मेल, एक्सप्रेस, यात्री, विशेष ट्रेनों के साथ-साथ मुंबई और पुणे की उपनगरीय ट्रेनों में भी नियमित रूप से चलाया जा रहा है।

मध्य रेल ने यात्रियों से अपील की है कि वे हमेशा वैध टिकट लेकर ही यात्रा करें। रेलवे का कहना है कि बिना टिकट यात्रा न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि इससे रेलवे के राजस्व पर भी असर पड़ता है, जिसका उपयोग यात्री सुविधाओं, सुरक्षा और रेल अवसंरचना के विकास में किया जाता है। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि बिना टिकट यात्रा के प्रति उसकी 'शून्य सहिष्णुता' की नीति आगे भी जारी रहेगी।