पृथ्वीराज चौहान की जयंती पर कासगंज में गोष्ठी, वीर शिरोमणि को नमन

कासगंज। शनिवार को जिला कांग्रेस कमेटी विधि विभाग के चेयरमैन एडवोकेट सत्येंद्र पाल सिंह बैस ने अपने कार्यालय पर अधिवक्ता साथियों के साथ देश के गौरव वीर शिरोमणि महान सम्राट पृथ्वीराज चौहान की जयंती के अवसर पर गोष्ठी का आयोजन किया। कार्यक्रम में उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विचार व्यक्त किए गए तथा उनके चित्र पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित कर वीरता को नमन किया गया। अंत में मिष्ठान का वितरण भी किया गया।

चेयरमैन सत्येंद्र पाल सिंह बैस ने कहा कि पृथ्वीराज चौहान भारतीय इतिहास में एक अविस्मरणीय नाम हैं। चौहान वंश में जन्मे पृथ्वीराज आखिरी हिंदू शासक थे। महज 11 वर्ष की आयु में पिता की मृत्यु के बाद उन्होंने दिल्ली और अजमेर का शासन संभाला और उसे कई सीमाओं तक विस्तार दिया। उन्हें राय पिथौरा के नाम से भी जाना जाता है।

बैस ने बताया कि पृथ्वीराज बचपन से ही कुशल योद्धा थे। उन्होंने युद्ध कला में विशेष निपुणता हासिल की थी, खासकर शब्दभेदी बाण विद्या में वे पारंगत थे। उनके बचपन के मित्र चंद्रवरदाई उनके सच्चे साथी थे। पृथ्वीराज चौहान ने मोहम्मद गौरी को 17 बार पराजित किया और उन्हें छोड़ दिया, लेकिन 18वीं बार में जयचंद व अन्य हिंदू राजाओं की गद्दारी के कारण वे युद्ध हार गए। मोहम्मद गौरी ने उन्हें बंदी बनाकर उनकी दोनों आंखें फोड़ दीं। मृत्यु से पहले जब गौरी ने उनकी अंतिम इच्छा पूछी तो पृथ्वीराज ने शब्दभेदी बाण चलाने की इच्छा जताई। तब उनके मित्र चंद्रवरदाई ने दोहा पढ़ा- ?चार बांस चौबीस गज, अंगुल अष्ट प्रमाण, ता ऊपर सुल्तान है, मत चूको चौहान।? इसके बाद पृथ्वीराज ने शब्दभेदी बाण से मोहम्मद गौरी को मार गिराया।

सत्येंद्र पाल सिंह बैस ने कहा कि ऐसे महान सम्राट को उनकी जन्म जयंती पर शत-शत नमन है। जब तक सृष्टि रहेगी, वीर शिरोमणि पृथ्वीराज चौहान का नाम इतिहास के स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा।

कार्यक्रम में कासगंज बार एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश शर्मा उर्फ बॉबी शर्मा, महासचिव दुष्यंत गौतम, पूर्व अध्यक्ष गिरिजा शंकर दुबे, पूर्व महासचिव सुरेंद्र कुमार शर्मा, उच्च न्यायालय इलाहाबाद के अधिवक्ता अनिल अग्रवाल, शिवकुमार सिंह, पंकज चतुर्वेदी, अयोध्या प्रसाद, कौशल किशोर शर्मा, दिनेश कुमार, अमित कुमार यादव रिंकू, तेजेंद्र कुमार, आदित्य मिश्रा, यशवीर सिंह यादव, जितेन मौर्य, सोनू शर्मा, अश्वनी कुमार, धारा सिंह, मोहम्मद खालिद, दिनेश कुमार सहित अनेक अधिवक्ता मौजूद रहे।