बाबासाहेब के बताए मार्ग पर चलने का लिया संकल्प, चेयरमैन बैस ने प्रतिमा पर चढ़ाए पुष्प

कासगंज। भारत रत्न बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर की जयंती के अवसर पर मंगलवार को जिला कांग्रेस कमेटी विधि प्रकोष्ठ के चेयरमैन सत्येंद्र पाल सिंह बैस एडवोकेट ने शहर के अंबेडकर पार्क स्थित प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करने के बाद चेयरमैन बैस ने कहा कि बाबासाहेब ने गरीब, बेसहारा, शोषित, वंचित और अशिक्षित वर्ग के उत्थान के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उनका सपना था कि देश का हर नागरिक शिक्षित होकर अपने अधिकारों और कर्तव्यों को पहचाने तथा राष्ट्र की उन्नति में सहभागी बने।

उन्होंने बाबासाहेब के जीवन से जुड़ा एक रोचक प्रसंग साझा करते हुए बताया कि डॉ. आंबेडकर का मूल उपनाम सकपाल था। उनके मराठी ब्राह्मण शिक्षक कृष्णा जी केशव आंबेडकर उनकी मेधा से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने अपना सरनेम उनके नाम के साथ जोड़ दिया। विदेश में उच्च शिक्षा के लिए बड़ौदा के महाराजा सायाजीराव गायकवाड़ तृतीय से मदद दिलाने में भी उन्हीं गुरु की अहम भूमिका रही। इसी सहायता से बाबासाहेब अमेरिका की कोलंबिया यूनिवर्सिटी पहुंचे और वहां उच्च शिक्षा ग्रहण कर देश का नाम रोशन किया।

बैस ने बाबासाहेब के ऐतिहासिक वचनों को उद्धृत करते हुए कहा, "लोकतंत्र केवल एक शासन प्रणाली नहीं बल्कि जीवन जीने का तरीका है और संविधान केवल वकीलों का दस्तावेज नहीं, यह जीवन जीने का साधन है।" उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च ग्रंथ संविधान के निर्माण में बाबासाहेब की भूमिका अतुलनीय रही और जब तक यह सृष्टि रहेगी, बाबासाहेब का नाम स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा।