17 मई से 15 जून 2026 तक अधिक मास, नहीं होंगे मांगलिक कार्य

आलापुर ( अम्बेडकर नगर ) | बैंड-बाजा, बारात, विवाह, द्विरागमन और तिलकोत्सव जैसे मांगलिक आयोजनों पर जल्द विराम लगने जा रहा है। 17 मई से अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) प्रारंभ हो रहा है, जो 15 जून 2026 तक रहेगा। इस अवधि में पहली बार किए जाने वाले सभी शुभ एवं मांगलिक कार्यों को शास्त्रों में वर्जित माना गया है।ज्योतिषाचार्य राकेश पांडेय ने बताया कि शास्त्रों और पुराणों में अधिक मास के दौरान किए जाने वाले कार्यों को लेकर स्पष्ट नियम बताए गए हैं, लेकिन लोगों में अब भी भ्रम बना रहता है।उन्होंने बताया कि इस मास में फल की कामना से किए जाने वाले कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश, गृह निर्माण आरंभ, प्रथम तीर्थयात्रा, मुंडन, कर्णवेध, यज्ञोपवीत, वधू प्रवेश, कुआँ-बोरिंग निर्माण तथा नए व्रतों का आरंभ वर्जित माना गया है। हालांकि अत्यावश्यक कार्य, जिन्हें टालना संभव न हो, किए जा सकते हैं।आचार्य पाण्डेय के अनुसार अधिक मास में नए वस्त्र, आभूषण, मकान, वाहन, टीवी, फ्रिज, कूलर, एसी और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की खरीदारी शुभ मानी गई है। धार्मिक मान्यता है कि इस पूरे महीने में भगवान विष्णु एवं श्रीकृष्ण की पूजा, जप-तप, व्रत, दान-पुण्य तथा जरूरतमंदों की सेवा करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। यही कारण है कि अधिक मास को ?पुरुषोत्तम मास? कहा जाता है।