खुद प्यासा विकास खण्ड: जहांगीरगंज मुख्यालय पर दूषित पानी पीने को मजबूर कर्मचारी और ग्रामीण

आलापुर (अंबेडकर नगर ) | जहां एक ओर सरकार स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं आलापुर तहसील के जहांगीरगंज विकास खण्ड मुख्यालय की स्थिति इन दावों की पोल खोल रही है। यहां स्वयं विकास खण्ड परिसर में स्वच्छ पानी की व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है, जिससे कर्मचारी और आमजन दूषित पानी पीने को विवश हैं। बताया जाता है कि क्षेत्र पंचायत निधि से लाखों रुपये खर्च कर लगाया गया आरओ प्लांट केवल शोपीस बनकर रह गया है। कभी-कभार चालू भी होता है तो अगले ही दिन फिर खराब हो जाता है। भीषण गर्मी के इस दौर में यह समस्या और भी गंभीर हो गई है, जिससे कर्मचारियों और यहां आने वाले सैकड़ों लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। स्थिति और भी चिंताजनक तब हो जाती है जब आरओ के बगल में लगा इंडिया मार्का हैंडपंप भी दूषित पानी दे रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, हैंडपंप का पानी कुछ देर रखने पर पीला हो जाता है, जो इसकी खराब गुणवत्ता को दर्शाता है। इसके अलावा खण्ड विकास अधिकारी कार्यालय के समीप स्थापित दूसरा आरओ प्लांट भी खराब पड़ा है, जिससे शीतल जल की कोई वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। विकास खण्ड मुख्यालय पर प्रतिदिन पेंशन, शादी अनुदान, परिवार रजिस्टर नकल सहित विभिन्न कार्यों के लिए सैकड़ों लोग और जनप्रतिनिधि पहुंचते हैं। ऐसे में स्वच्छ पेयजल की अनुपलब्धता से सभी को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कृषि विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें पीने के पानी के लिए बोतलबंद पानी पर निर्भर रहना पड़ रहा है। वहाँ पर स्थानीय राकेश, रविन्द्र, कमलेश, योगेन्द्र, सिद्धार्थ और अजय पाण्डे ने प्रशासन से मांग की है कि खराब पड़े आरओ प्लांट और प्याऊ को अविलंब ठीक कराया जाए, ताकि विकास खण्ड मुख्यालय पर आने वाले लोगों और कर्मचारियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके।