सोशल ऑडिट टीम को 6 माह से मानदेय नहीं, आक्रोश बढ़ा—एक सप्ताह में भुगतान न हुआ तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से करेंगे शिकायत

आलापुर (अम्बेडकर नगर)| विकासखंड जहांगीरगंज क्षेत्र में सोशल ऑडिट टीम के सदस्यों को ड्यूटी किये 6 माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद मानदेय का भुगतान नहीं होने से सदस्यों में भारी आक्रोश व्याप्त है। सदस्यों ने बताया कि सोशल ऑडिट का कार्यकाल दो वर्षों का होता है, जिसमें उन्हें ग्राम पंचायतों में कराए गए कार्यों की जांच करनी होती है। यह जांच मुख्य रूप से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम और प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत किए गए कार्यों की होती है। टीम के सदस्यों के अनुसार, दो वर्षों के कार्यकाल में उन्हें लगभग 22 से 23 ऑडिट करने होते हैं। पिछले वर्ष किए गए ऑडिट का मानदेय उन्हें 6 से 7 महीने की देरी से मिला था, लेकिन दूसरे वर्ष के 11 ऑडिट का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। सदस्यों का आरोप है कि वर्ष 2026 में नए सोशल ऑडिट सदस्यों की नियुक्ति भी हो चुकी है, बावजूद इसके पुराने सदस्यों को उनके कार्य का भुगतान नहीं मिला है। जिन सदस्यों की पुनर्नियुक्ति नहीं हुई, उन्हें भी अपने बकाया मानदेय के लिए बार-बार ब्लॉक कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया कि ब्लॉक कार्यालय में तैनात ब्लॉक कोऑर्डिनेटर राम जी मिश्रा से मानदेय के संबंध में जानकारी लेने पर स्पष्ट जवाब नहीं दिया जाता और उन्हें बार-बार टालमटोल कर दौड़ाया जाता है। पीड़ित सदस्यों का कहना है कि उन्हें यह तक नहीं बताया जा रहा कि उनका मानदेय जारी हुआ है या नहीं, जिससे उन्हें बार-बार कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। सोशल ऑडिट टीम के सदस्यों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर उनका बकाया मानदेय नहीं दिया गया, तो वे गोरखपुर जाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दरबार में अपनी शिकायत दर्ज कराएंगे।