चकिया ब्लॉक बना मनरेगा में फर्जीवाड़े का हब, फिरोजपुर ग्राम पंचायत में 103 मजदूर केवल कागजों पर,प्रधान, जेई और ठेकेदार की मिलीभगत से फर्जी तरीके से हो रहा कार्य

चकिया ब्लॉक बना मनरेगा में फर्जीवाड़े का हब, फिरोजपुर ग्राम पंचायत में 103 मजदूर केवल कागजों पर

प्रधान, जेई और ठेकेदार की मिलीभगत से फर्जी तरीके से हो रहा कार्य

चकिया/चंदौली। चकिया ब्लॉक में मनरेगा योजना में भ्रष्टाचार के लगातार मामले सामने आ रहे हैं। ताजा मामला फिरोजपुर ग्राम पंचायत का है, जहां 103 मजदूरों की हाजिरी कागजों में दर्ज कर सरकारी धन के बंदरबांट का आरोप लगाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि मौके पर इतने मजदूर कभी दिखाई नहीं देते, लेकिन मस्टर रोल में नियमित उपस्थिति दर्ज कर भुगतान निकाला जा रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार ग्राम पंचायत में मनरेगा कार्यों के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। आरोप है कि प्रधान, जेई और ठेकेदार की मिलीभगत से फर्जी तरीके से कार्य दिखाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। मजदूरों का कहना है कि कई लोगों के नाम से हाजिरी लगाई जाती है, जबकि वे कहीं और काम कर रहे होते हैं। इसके बावजूद रिकॉर्ड में उन्हें मनरेगा कार्यस्थल पर कार्यरत दिखाया जाता है।

स्थानीय निवासी रामजी ने बताया, ?गांव में इतने मजदूर काम करते कभी नहीं दिखते, लेकिन कागजों में 100 से ज्यादा लोगों की हाजिरी लगा दी जाती है। जांच हो जाए तो पूरा खेल सामने आ जाएगा।?

ग्रामीणों का कहना है कि ब्लॉक स्तर के अधिकारी भी इस पूरे मामले में आंख मूंदे हुए हैं, जिससे प्रधानों के हौसले और बढ़ गए हैं। आरोप है कि अधिकारियों की शह पर ही मजदूर कहीं और और काम कहीं और दिखाकर फर्जी मस्टर रोल तैयार किए जा रहे हैं।

मनरेगा योजना का उद्देश्य ग्रामीण गरीबों को रोजगार उपलब्ध कराना और गांवों में विकास कार्य कराना है, लेकिन फिरोजपुर ग्राम पंचायत में यह योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, फर्जी मस्टर रोल और भुगतान की जांच हो तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो मनरेगा जैसी महत्वाकांक्षी योजना का लाभ वास्तविक मजदूरों तक पहुंचने के बजाय भ्रष्ट तंत्र की जेब भरने तक सीमित रह जाएगा।