चकिया तहसील के बोदलपुर ग्राम पंचायत में पट्टा धारकों को अधिकार दिलाने तहसील पहुंचे पूर्व विधायक शिव तपस्या पासवान, लंबित फाइलों पर उठे सवाल, क्या दलितों को न्याय दिला पाएंगे पूर्व विधायक शि

चकिया तहसील के बोदलपुर ग्राम पंचायत में पट्टा धारकों को अधिकार दिलाने तहसील पहुंचे पूर्व विधायक शिव तपस्या पासवान, लंबित फाइलों पर उठे सवाल, क्या दलितों को न्याय दिला पाएंगे पूर्व विधायक शिवतपस्या पासवान या बयान बाजी ही होकर रह जाएगा दलितों का सपना

पट्टा धारकों को अधिकार दिलाने तहसील पहुंचे पूर्व विधायक शिव तपस्या पासवान, लंबित फाइलों पर उठे सवाल

चकिया (चंदौली)। चकिया ब्लॉक के बोदलपुर गांव में ग्राम समाज की भूमि पर वर्षों से रह रहे भूमिहीन परिवारों को पट्टा आवंटन के बावजूद मालिकाना हक न मिलने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर पूर्व विधायक शिव तपस्या पासवान ग्रामीणों के साथ तहसील पहुंचे और प्रशासन से न्याय की मांग की।

ग्रामीणों के अनुसार, बोदलपुर गांव में कई पीढ़ियों से भूमिहीन लोग ग्राम समाज की जमीन पर मकान बनाकर निवास कर रहे हैं। गांव के प्रधान रामलाल सिंह ने कानूनी प्रक्रिया के तहत सचिव के साथ मिलकर पात्र लोगों के नाम पट्टा आवंटन का प्रस्ताव तैयार कर तहसील प्रशासन को भेजा था। हालांकि, यह फाइल महीनों से लंबित पड़ी है, जिससे पात्र लोगों को अब तक उनका वैधानिक अधिकार नहीं मिल सका है।

अपना कार्य अटका देख ग्रामीणों ने पूर्व विधायक शिव तपस्या पासवान से संपर्क किया। उनकी शिकायत पर संज्ञान लेते हुए पासवान तत्काल ग्रामीणों के साथ तहसील पहुंचे। हालांकि, उस समय तहसीलदार की अनुपस्थिति के कारण उनसे मुलाकात नहीं हो सकी, क्योंकि वे जिला मुख्यालय पर एक बैठक में गए हुए थे। ऐसे में ग्रामीणों ने अपना प्रार्थना पत्र पूर्व विधायक को सौंपा।

इस मौके पर शिव तपस्या पासवान ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनके साथ न्याय होगा और उन्हें पट्टे का पूरा मालिकाना हक दिलाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, ?यदि जरूरत पड़ी तो मैं स्वयं मुख्यमंत्री से मिलकर भी आप लोगों को न्याय दिलाने का प्रयास करूंगा। किसी भी गरीब और भूमिहीन के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।?

ग्रामीणों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि वे वर्षों से जमीन पर काबिज हैं, लेकिन कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद उन्हें अधिकार नहीं मिल रहा है। छोटू, गंगा जली देवी, मुन्नी देवी, शंकर और नवमी यादव सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि बार-बार तहसील के चक्कर लगाने के बाद भी उन्हें केवल आश्वासन ही मिला है।

गंगा जली देवी ने कहा, ?हम लोग पीढ़ियों से यहां रह रहे हैं, लेकिन आज तक जमीन का कागज नहीं मिला। बच्चे बड़े हो रहे हैं, लेकिन भविष्य अनिश्चित बना हुआ है।? वहीं शंकर ने कहा कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम के बीच पूर्व विधायक शिव तपस्या पासवान का नाम पहले भी विभिन्न मामलों को लेकर विवादों में रहा है। ऐसे में स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा भी है कि क्या इस बार वह ग्रामीणों की समस्या का ठोस समाधान करा पाएंगे या मामला सिर्फ आश्वासन तक ही सीमित रह जाएगा।

प्रशासनिक स्तर पर इस मामले में अभी तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही पट्टा फाइलों पर निर्णय नहीं लिया गया, तो वे बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।

यह मामला न सिर्फ प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि जमीनी स्तर पर गरीब और भूमिहीन लोगों को अपने अधिकारों के लिए किस तरह संघर्ष करना पड़ रहा है।

अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हुए लंबित फाइलों का निस्तारण करता है और जरूरतमंदों को उनका हक दिला पाता है या नहीं।