जेई का कारनामा मनरेगा में बड़ा खेल! जमुआ ग्राम पंचायत में कागजों पर 90 मजदूर, जमीनी हकीकत शून्य

जेई का कारनामा मनरेगा में बड़ा खेल! जमुआ ग्राम पंचायत में कागजों पर 90 मजदूर, जमीनी हकीकत शून्य


चन्दौली। चकिया ब्लॉक के जमुआ ग्राम पंचायत में मनरेगा योजना के तहत बड़े पैमाने पर घोटाले के आरोप सामने आ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जहां एक ओर सरकारी दस्तावेजों में करीब 90 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज दिखाई जा रही है, वहीं मौके पर कार्यस्थल लगभग सूना नजर आता है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, मनरेगा के अंतर्गत चल रहे कार्यों में वास्तविक मजदूरों की संख्या बेहद कम है, जबकि मस्टर रोल में बड़ी संख्या में नाम दर्ज कर भुगतान निकाला जा रहा है। आरोप है कि संबंधित जूनियर इंजीनियर (जेई) की मिलीभगत से ठेकेदार फर्जी तरीके से फोटो अपलोड कर कार्य को पूर्ण दर्शा रहे हैं। यहां तक कि एक ही व्यक्ति की तस्वीर को कई मजदूरों के नाम से दिखाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि कई बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे जिम्मेदारों के हौसले बुलंद हैं। उनका कहना है कि इस तरह की अनियमितताओं से वास्तविक जरूरतमंद मजदूरों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है और सरकार की महत्वाकांक्षी योजना पर प्रश्नचिह्न लग रहा है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों व ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, मनरेगा कार्यों की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए स्थलीय निरीक्षण बढ़ाने की जरूरत बताई है।

इस संबंध में जब अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मामला संज्ञान में आने पर जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर प्रकरण में कितनी तेजी से कदम उठाता है या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाता है।