चकिया ब्लॉक में मनरेगा घोटाले का खुलासा: कागजों पर 17 मजदूर, साइट पर एक ही व्यक्ति का फोटो  ब्लॉक स्तर के अधिकारी, बीडीओ, जेई और ठेकेदार की मिलीभगत से सरकारी धन का बंदरबांट

चकिया ब्लॉक में मनरेगा घोटाले का खुलासा: कागजों पर 17 मजदूर, साइट पर एक ही व्यक्ति का फोटो�

ब्लॉक स्तर के अधिकारी, बीडीओ, जेई और ठेकेदार की मिलीभगत से सरकारी धन का बंदरबांट


कार्य कोड: 3171/आरसी/958486255823674344 | एमएसआर नंबर: 411
कार्य?गढ़वा उत्तरी में तुलसी राम तिवारी के घर से अभिषेक सिंह के घर तक शिवर इंटरलॉकिंग निर्माण


चकिया, चंदौली। चकिया ब्लॉक में मनरेगा योजना के तहत एक बार फिर बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। गढ़वा उत्तरी ग्राम पंचायत में इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण कार्य में कागजों और वास्तविकता के बीच भारी अंतर देखने को मिला है।


आधिकारिक अभिलेखों के अनुसार इस कार्य में 17 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज की गई है, लेकिन जमीनी जांच में तस्वीर कुछ और ही सामने आई। मौके पर न तो निर्धारित संख्या में मजदूर मिले और न ही कार्य की प्रगति रिकॉर्ड के अनुसार दिखाई दी। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड की गई फोटो में 10 मजदूरों के स्थान पर केवल एक ही व्यक्ति काम करते हुए दिखाया गया है, जिससे फर्जी मस्टरोल और डिजिटल साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की आशंका और गहरा गई है।


स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मजदूरों को वास्तविक कार्य स्थल पर रोजगार नहीं मिल रहा, जबकि उनके नाम का उपयोग कर भुगतान निकाला जा रहा है।

ग्रामीण रामलालने कहा,
?हम लोग काम मांगते हैं तो काम नहीं मिलता, लेकिन कागजों में दिखाया जाता है कि सब काम कर रहे हैं। यह गरीबों के हक पर सीधा हमला है।?


वहीं एक अन्य ग्रामीण शिवकुमार ने बताया,
?फोटो में भी धोखाधड़ी की जा रही है। एक आदमी की फोटो को कई मजदूरों का काम दिखाकर अपलोड किया जा रहा है।?


ग्रामीणों का आरोप है कि इस पूरे मामले में ब्लॉक स्तर के अधिकारी, बीडीओ, जेई और ठेकेदार की मिलीभगत से सरकारी धन का बंदरबांट किया जा रहा है।


स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, मस्टरोल और फोटो अपलोड की तकनीकी जांच हो, तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।