पृथ्वी दिवस पर यमुना तट पर गूंजा संरक्षण का संकल्प

पत्रकार चतुर्भुज तिवारी -

?यमुना बचेगी, तो हम बचेंगे? का लिया सामूहिक प्रण

आगरा, - पृथ्वी दिवस के अवसर पर यमुना नदी तट स्थित यमुना आरती स्थल पर रिवर कनेक्ट अभियान के तत्वावधान में पर्यावरण संरक्षण का संकल्प कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में स्वयंसेवकों, स्थानीय नागरिकों और बच्चों ने भाग लेकर प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का संकल्प लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत एक मिनट के मौन से हुई, जिसमें यमुना के प्रदूषित व उपेक्षित हिस्सों को स्मरण किया गया। इसके बाद ?एक मुट्ठी मिट्टी, एक वचन? अभियान के तहत उपस्थित लोगों ने यमुना तट की मिट्टी को साक्षी मानते हुए शपथ ली कि वे न तो नदी में कचरा डालेंगे, न प्लास्टिक का दुरुपयोग करेंगे और न ही किसी ऐसी गतिविधि का हिस्सा बनेंगे जो पर्यावरण को नुकसान पहुँचाती हो।

इस दौरान उपस्थित लोगों ने एक स्वर में संकल्प दोहराया?

?यमुना बचेगी, तो हम बचेंगे।?

अभियान के बृज खंडेलवाल ने कहा कि यह पहल केवल प्रतीक नहीं, बल्कि व्यक्तिगत और सामूहिक जिम्मेदारी को जीवन में उतारने का प्रयास है।

कार्यक्रम में नागरिकों से अपील की गई कि वे केवल दर्शक न बनें, बल्कि सक्रिय रूप से यमुना संरक्षण से जुड़ें। प्लास्टिक का सीमित उपयोग, कचरे का उचित निपटान और यमुना तट की स्वच्छता बनाए रखने जैसे छोटे कदमों को अपनाने पर जोर दिया गया।

रिवर कनेक्ट अभियान विगत कई वर्षों से यमुना के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। नियमित आरती, सफाई अभियान, जनजागरूकता रैलियों और संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से यह पहल अब जनभागीदारी का रूप ले चुकी है।

कार्यक्रम में सर्वश्री राजीव गुप्ता, डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य, चतुर्भुज तिवारी, पद्मिनी अय्यर, रिमझिम वर्मा, डॉ. ज्योति खंडेलवाल, विशाल झा, शाहतोश गौतम, राज कुमार गुप्ता, सतीश गुप्ता, मुकेश चौधरी, गोस्वामी नंदन श्रोतरीय, अभिनव लाला, दीपक राजपूत, जगन प्रसाद तेहरिया एवं डॉ. मुकुल पांड्या सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

अंत में यमुना मैया की विशेष आरती का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धा और संकल्प का संगम देखने को मिला।