कासगंज में पंडित नेहरू की 62वीं पुण्यतिथि पर गोष्ठी, अधिवक्ताओं ने दी श्रद्धांजलि

कासगंज: जिला कांग्रेस कमेटी विधि विभाग के चेयरमैन एडवोकेट सत्येंद्र पाल सिंह बैस ने बुधवार को अपने कार्यालय पर आधुनिक भारत के शिल्पकार भारत रत्न पंडित जवाहरलाल नेहरू की 62वीं पुण्यतिथि पर गोष्ठी का आयोजन किया। अधिवक्ता साथियों के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में नेहरू जी के चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की गई और उनके व्यक्तित्व व कृतित्व पर चर्चा की गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चेयरमैन सत्येंद्र पाल सिंह बैस ने कहा, ?पंडित जवाहरलाल नेहरू आधुनिक भारत के शिल्पकार कहे जाते हैं। 1947 में देश की आजादी के बाद से 1964 में अपने निधन तक उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में देश का कुशल नेतृत्व किया।?

बैस ने नेहरू जी के प्रमुख योगदानों का उल्लेख करते हुए कहा, ?उनके कार्यकाल में औद्योगिक विकास को गति मिली, देश के पहले बड़े बांधों और सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों की स्थापना हुई। वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देते हुए उन्होंने अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा कार्यक्रमों की नींव रखी। शिक्षा के क्षेत्र में उच्च शिक्षा व अनुसंधान के लिए प्रमुख संस्थानों का गठन किया गया।?

नेहरू जी के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि वे शुरू से ही महात्मा गांधी से प्रभावित रहे। 1912 में कांग्रेस से जुड़ने वाले नेहरू ने 1920 में प्रतापगढ़ के पहले किसान मोर्चे को संगठित किया। 1928 में लखनऊ में साइमन कमीशन के विरोध में वे घायल हुए और 1930 के नमक आंदोलन में गिरफ्तार होकर 6 माह जेल काटी। 1935 में अल्मोड़ा जेल में उन्होंने अपनी आत्मकथा लिखी। कुल 9 बार जेल गए। उन्होंने विश्व भ्रमण कर अंतरराष्ट्रीय पटल पर भारत की पहचान बनाई। वे छह बार कांग्रेस अध्यक्ष बने। 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में 9 अगस्त 1942 को मुंबई से गिरफ्तार कर अहमदनगर जेल भेजा गया, जहां से 15 जून 1945 को रिहा किया गया।
बैस ने आगे कहा, ?नेहरू जी ने पंचशील सिद्धांत प्रतिपादित किया, तटस्थ राष्ट्रों को संगठित किया और 1954 में भारत रत्न से सम्मानित हुए। विषम परिस्थितियों में भी उन्होंने देश को विश्व पटल पर एक मजबूत पहचान दिलाई। जब तक सृष्टि रहेगी, पंडित जवाहरलाल नेहरू का नाम स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा।?

गोष्ठी में शिवकुमार सिंह, प्रेम सिंह, कमल कुमार यादव, नवल किशोर शर्मा, यशवीर सिंह यादव, आशीष चौहान, जितिन मौर्य, यासीन, संजय सोलंकी, अभिषेक कुमार सिंह, शाहनवाज हैदर, ओमेंद्र सिंह, रिन्कू, लोकेश कुमार यादव, मुकीम, मोहित बघेल, धीरेन्द्र सिंह सहित अनेक अधिवक्ता मौजूद रहे।