अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ पुनर्विकसित हुआ बाड़मेर रेलवे स्टेशन, यात्रियों को मिलेगी बेहतर सुविधा

अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ पुनर्विकसित हुआ बाड़मेर रेलवे स्टेशन, यात्रियों को मिलेगी बेहतर सुविधा

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 16.18 करोड़ रुपये की लागत से हुआ विकास कार्य

बाड़मेर। उत्तर पश्चिम रेलवे का बाड़मेर रेलवे स्टेशन क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण और तेजी से विकसित हो रहा स्टेशन है। बाड़मेर जिले में तेल एवं गैस उत्पादन (मंगला क्षेत्र), ऊर्जा क्षेत्र (जेएसडब्ल्यू) तथा खनिज निष्कर्षण जैसे बेंटोनाइट, जिप्सम और नमक उद्योगों ने अर्थव्यवस्था को नई गति दी है। औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के चलते होटल, स्कूल, परिवहन और अन्य सेवाओं की मांग में लगातार वृद्धि हुई है। इसके साथ ही रेलवे यात्रीभार में भी निरंतर इजाफा हो रहा है। वर्तमान में बाड़मेर रेलवे स्टेशन पर 28 ट्रेनों का ठहराव है और यहां से प्रतिदिन औसतन 7603 यात्री यात्रा करते हैं।

रेल यात्रियों को आधुनिक और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत बाड़मेर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास किया गया है। इस परियोजना पर लगभग 16.18 करोड़ रुपये की लागत आई है। पुनर्विकसित स्टेशन को अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है, जिससे यात्रियों को अधिक सुविधाजनक, सुगम और बेहतर यात्रा अनुभव प्राप्त हो सकेगा। रेलवे प्रशासन का कहना है कि स्टेशन का यह नया स्वरूप न केवल यात्री सुविधाओं को बढ़ाएगा, बल्कि क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक उन्नति में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।

पुनर्विकास कार्यों के तहत स्टेशन पर प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग द्वार बनाए गए हैं। स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया को आधुनिक रूप दिया गया है तथा भू-दृश्य विकास कर स्टेशन को आकर्षक स्वरूप प्रदान किया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए ऑटो, दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए पृथक पार्किंग व्यवस्था की गई है। इसके अलावा यात्रियों के चढ़ने-उतरने के लिए पोर्च बनाया गया है और दोगुनी ऊंचाई वाला चौड़ा प्रवेश द्वार विकसित किया गया है।

स्टेशन पर महिलाओं एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग उन्नत प्रतीक्षालय तैयार किए गए हैं। यात्रियों के ठहरने हेतु रिटायरिंग रूम और डोरमेट्री की सुविधा विकसित की गई है। साथ ही नया वीआईपी अतिथि कक्ष तथा स्टेशन अधीक्षक कार्यालय भी बनाया गया है। मौजूदा फुट ओवर ब्रिज पर लिफ्ट की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग यात्रियों को राहत मिलेगी।

रेलवे ने स्टेशन के अग्रभाग का सौंदर्यकरण कर इसे आधुनिक स्वरूप दिया है। यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए 12 मीटर चौड़ा नया फुट ओवर ब्रिज भी तैयार किया गया है। इसके साथ ही नए प्लेटफॉर्म शेल्टर बनाए गए हैं ताकि यात्रियों को धूप और बारिश से सुरक्षा मिल सके। दिव्यांग यात्रियों के लिए अनुकूल शौचालय ब्लॉक और पेयजल बूथ भी विकसित किए गए हैं।

इसके अलावा स्टेशन पर बेहतर साइनबोर्ड, होर्डिंग्स, स्मारकीय ध्वज तथा उच्च गुणवत्ता वाले फर्नीचर की व्यवस्था की गई है, जिससे स्टेशन का स्वरूप अधिक आकर्षक और आधुनिक बन गया है।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि बाड़मेर स्टेशन का यह पुनर्विकास कार्य यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के साथ-साथ क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा। स्टेशन के नए रूप से आने वाले समय में यात्रीभार बढ़ने की संभावना है और रेलवे सेवा को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।