केंद्रीय बजट 2026-27 पर हरदोई में सियासी प्रतिक्रियाएं, भाजपा ने सराहा तो विपक्ष ने बताया जनविरोधी, कहा- बजट में कुछ खास नहीं

हरदोई जनपद में केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर राजनीतिक हलचल तेज रही। भाजपा जिला कार्यालय पर जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन की उपस्थिति में बजट का सजीव प्रसारण आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान बजट को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन ने बजट की सराहना करते हुए कहा कि यह बजट देश की अर्थव्यवस्था और आम नागरिक पर सकारात्मक प्रभाव डालने वाला है। उन्होंने कहा कि बजट 2026 भारत की दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि और रोजगार सृजन पर केंद्रित है। वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने उद्योग, युवा और किसानों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए हैं, जिससे देश आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ेगा।
जिला प्रभारी एवं प्रदेश मंत्री शंकर लाल लोधी ने भी बजट को संतुलित बताते हुए कहा कि संरचनात्मक कर सुधारों और सामाजिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से आम आदमी को राहत देने का प्रयास किया गया है। उन्होंने इसे विकासोन्मुखी बजट करार दिया।
वहीं दूसरी ओर विपक्षी दलों ने बजट की कड़ी आलोचना की। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने बजट को आम जनता के साथ छलावा बताते हुए कहा कि यह किसान, मजदूर, युवा और मध्यम वर्ग विरोधी है। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई, बेरोजगारी और गिरती आय पर कोई ठोस समाधान नहीं दिया गया है। किसानों की आय दोगुनी करने का वादा एक बार फिर खोखले शब्दों तक सीमित रह गया है, जबकि मनरेगा जैसी योजनाओं को कमजोर किया जा रहा है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता जितेंद्र वर्मा उर्फ जीतू ने बजट को निराशाजनक बताते हुए कहा कि यह पूरी तरह उद्योगपतियों के हित में तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन, महंगाई नियंत्रण, स्वास्थ्य और शिक्षा को लेकर कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं है और टैक्स स्लैब में राहत न देना मध्यम वर्ग के साथ अन्याय है।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारिणी सदस्य व प्रदेश प्रवक्ता एडवोकेट अमलेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि बजट से आम आदमी, छात्र और महिलाएं खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा और कृषि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को नजरअंदाज किया गया है, जिससे यह बजट देश की जरूरतों से भटका हुआ प्रतीत होता है।