हरदोई में स्नातक एमएलसी ने शिक्षक संगठनों से किया संवाद, कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा पर मुख्यमंत्री का जताया आभार, यूजीसी व सियासी मुद्दों पर की चर्चा

हरदोई। स्नातक एमएलसी अवनीश कुमार सिंह ने शनिवार को हरदोई में शिक्षक संगठनों के साथ हुई बैठक में कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि जिले के सभी शिक्षक संगठनों के साथ वार्ता की गई, जिसमें मुख्यमंत्री द्वारा दी गई कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से शिक्षकों, उनके परिवारों, अनुदेशकों, रसोइयों और शिक्षामित्रों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान की गई है। इसके लिए जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन समेत सभी शिक्षक संगठनों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
यूजीसी से जुड़े सवाल पर स्नातक एमएलसी ने स्पष्ट किया कि इस विषय में एक समिति ने रिपोर्ट तैयार की थी, जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। जब तक न्यायालय का कोई अंतिम फैसला नहीं आ जाता, तब तक इस पर बोलना उचित नहीं है। स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर उठे सवाल पर उन्होंने कहा कि अब सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ निजी अस्पतालों को भी योजना से जोड़ा गया है, जिससे आम लोगों को बेहतर इलाज मिल सके।
उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में केवल 5 से 10 जिलों में ही मेडिकल कॉलेज थे, लेकिन अब प्रदेश के सभी 75 जिलों में मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं। जब भौतिक और मानव संसाधनों के साथ अधिक छात्र डॉक्टर बनेंगे, तो प्रदेश और देश की स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिक सशक्त होगी। उन्होंने दावा किया कि बीते आठ वर्षों में प्रदेश में व्यापक और बुनियादी परिवर्तन हुए हैं।
अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच कथित तकरार और यूजीसी जैसे बिल लाकर सवर्णों को भाजपा से दूर करने की चर्चाओं पर उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक परिवार है। ऐसी बातें अक्सर सुनने में आती हैं, लेकिन ये अधिकतर मीडिया द्वारा गढ़े गए विषय होते हैं। उन्होंने दोहराया कि यूजीसी से जुड़ा मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है और इसे लेकर की जा रही चर्चाएं निराधार हैं।
गौरतलब है कि स्नातक एमएलसी अवनीश कुमार सिंह ने छह वर्षों में पहली बार पत्रकारों से संवाद किया, जिसे चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा हैं।