कैलारस–बीरपुर आमान परिवर्तित रेलखंड का लोकार्पण, ग्वालियर-चंबल अंचल को मिली रेल कनेक्टिविटी की बड़ी सौगात

ग्वालियर-चंबल अंचल के लिए मंगलवार को रेल विकास की बड़ी सौगात मिली। मध्य प्रदेश के कैलारस और बीरपुर स्टेशन के बीच आमान परिवर्तन के बाद तैयार किए गए नए ब्रॉडगेज रेलखंड का लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही इस रेलखंड पर तीन नई गाड़ियों की विस्तारित सेवाओं का हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया गया।

कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और मुरैना सांसद शिवमंगल सिंह तोमर सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि कैलारस से बीरपुर तक मेमू सेवा का विस्तार केवल नई रेल सुविधा नहीं, बल्कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के विकास की नई संभावनाओं का द्वार है। इससे बीरपुर, सबलगढ़ और आसपास के गांवों के लोगों का ग्वालियर सहित प्रमुख शहरों तक आवागमन आसान होगा।

उन्होंने कहा कि बेहतर रेल कनेक्टिविटी से विद्यार्थियों को शिक्षा, युवाओं को रोजगार, किसानों को बाजार और व्यापारियों को नए अवसर मिलेंगे। ग्वालियर-श्योपुरकलां रेल परियोजना के आगे बढ़ने से गांव और शहर बेहतर तरीके से जुड़ेंगे। साथ ही कूनो राष्ट्रीय उद्यान जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने से पर्यटन और स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।

56 किलोमीटर रेलखंड का हुआ लोकार्पण

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि कैलारस-बीरपुर रेलखंड का लोकार्पण ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के लिए विकास और बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि ग्वालियर-श्योपुरकलां आमान परिवर्तन परियोजना करीब 188 किलोमीटर लंबी है, जिसकी लागत लगभग 3,128 करोड़ रुपये है। इसी परियोजना के तहत कैलारस-बीरपुर के 56 किलोमीटर लंबे आमान परिवर्तित ब्रॉडगेज रेलखंड का लोकार्पण किया गया है।

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में वर्ष 2026-27 के लिए रेलवे विकास के लिए लगभग 15,188 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और राज्य में करीब 1.18 लाख करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाएं प्रगति पर हैं। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत प्रदेश के 80 स्टेशनों के पुनर्विकास सहित आधुनिक रेल सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

गरीब और मध्यम वर्ग के यात्रियों के लिए बढ़ाई जा रही सुविधाएं

रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे गरीब और मध्यम वर्ग की सवारी है। आम यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए 12,500 सामान्य और स्लीपर कोच बनाने का आदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि वंदे भारत एक्सप्रेस, नमो भारत रैपिड रेल और वंदे भारत स्लीपर जैसी आधुनिक ट्रेनों के माध्यम से भारतीय रेल को नए स्वरूप में विकसित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2004 से 2014 के दौरान मध्य प्रदेश में रेलवे विकास के लिए औसतन 632 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष का प्रावधान किया जाता था, जबकि अब मध्य प्रदेश के रेल विकास के लिए 14,700 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

रेल मंत्री ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में मध्य प्रदेश में 222 किलोमीटर नई रेल लाइन, 1,200 किलोमीटर मल्टी-ट्रैकिंग और 707 किलोमीटर आमान परिवर्तन परियोजनाएं पूरी की गई हैं। राज्य में सुरक्षा और परियोजनाओं की निगरानी के लिए ड्रोन एवं जीपीएस ट्रैकर्स का भी उपयोग किया जा रहा है।

श्योपुरकलां तक कनेक्टिविटी बढ़ाने पर जोर

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि सबलगढ़ और बीरपुर क्षेत्र के लोगों को लंबे इंतजार के बाद यह महत्वपूर्ण सौगात मिली है। कैलारस से बीरपुर तक आमान परिवर्तन पूरा होना ग्वालियर-चंबल अंचल के विकास में नया अध्याय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही रेल कनेक्टिविटी श्योपुरकलां तक पहुंचेगी और भविष्य में कोटा तक विस्तार से क्षेत्र के विकास को और गति मिलेगी।

विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि कैलारस-सबलगढ़-बीरपुर रेलखंड के आमान परिवर्तन के लिए क्षेत्रवासियों ने लंबे समय तक प्रयास किया। आज उनकी वर्षों पुरानी आकांक्षा पूरी हुई है। उन्होंने कहा कि बीरपुर तक रेल सेवा का विस्तार क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण कदम है।

मुरैना सांसद शिवमंगल सिंह तोमर ने रेल मंत्री का आभार जताते हुए कहा कि मेमू ट्रेन के शुरू होने से क्षेत्र की जनता में खुशी है और उम्मीद है कि विकास की यह यात्रा लगातार आगे बढ़ती रहेगी।

कार्यक्रम में उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह, झांसी मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार, विजयपुर विधायक मुकेश मल्होत्रा, मुरैना महापौर शारदा सोलंकी, कैलारस नगर पालिका अध्यक्ष अंजना बंसल सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।