ईंट भट्ठा संचालकों एवं व्यापारियों के साथ जीएसटी विभाग ने किया संवाद, कर अनुपालन के प्रति किया जागरूक

आलापुर (अम्बेडकरनगर)। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) राज्य कर कार्यालय, अम्बेडकरनगर में ईंट भट्ठा संचालकों एवं व्यापारियों के साथ जीएसटी विभाग द्वारा संवाद एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कार्यालय उपायुक्त/कार्यालयाध्यक्ष, राज्य कर, अम्बेडकरनगर के निर्देशन में किया गया। इसका उद्देश्य ईंट भट्ठा व्यवसाय से संबंधित जीएसटी प्रावधानों के प्रति करदाताओं को जागरूक करना, कर अनुपालन को प्रोत्साहित करना तथा कर संबंधी व्यावहारिक समस्याओं का समाधान करना रहा।

कार्यक्रम के दौरान ईंट भट्ठा संचालकों को जीएसटी अधिनियम के अंतर्गत समय से पंजीकरण कराने, कर चालान (Tax Invoice) का सही ढंग से निर्गमन करने, ई-वे बिल के प्रावधानों का पालन करने, जीएसटी रिटर्न समयबद्ध रूप से दाखिल करने, कर का नियमित भुगतान करने तथा अभिलेखों एवं लेखा पुस्तकों का विधिवत संधारण करने के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।

अधिकारियों ने करदाताओं को यह भी अवगत कराया कि अपंजीकृत व्यक्तियों से की जाने वाली खरीद, माल के परिवहन से संबंधित आवश्यक दस्तावेजों की उपलब्धता, इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का नियमानुसार एवं सही दावा तथा विभागीय सत्यापन के समय आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराना प्रत्येक करदाता की जिम्मेदारी है।

बैठक में ईंट भट्ठा व्यवसाय से जुड़ी विभिन्न व्यावहारिक समस्याओं और व्यापारियों द्वारा दिए गए सुझावों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। विभागीय अधिकारियों ने सभी ईंट भट्ठा संचालकों से अपील की कि वे अपने व्यवसाय का संचालन पूर्ण पारदर्शिता के साथ करें और शासन द्वारा निर्धारित सभी जीएसटी प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करें।

कार्यक्रम में जीएसटी विभाग की ओर से उपायुक्त/कार्यालयाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह, उपायुक्त पशुपति प्रताप सिंह, सहायक आयुक्त अमित सिंह, सहायक आयुक्त नीरज कुमार तथा राज्य कर अधिकारी विनोद कुमार उपस्थित रहे।

इस अवसर पर जनपद के ईंट भट्ठा संघ के पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं बड़ी संख्या में ईंट भट्ठा संचालकों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में आर.एन. पटेल एडवोकेट, मोहम्मद मोईन एडवोकेट, राम प्रसाद एडवोकेट, विजय मिश्रा एडवोकेट एवं मोहम्मद शाहिद एडवोकेट सहित अन्य उपस्थित लोगों ने विभागीय अधिकारियों के साथ सकारात्मक संवाद स्थापित करते हुए अपनी समस्याएं एवं सुझाव साझा किए।

कार्यक्रम के अंत में विभाग की ओर से करदाताओं से अपील की गई कि वे जीएसटी नियमों का पालन करते हुए समय से रिटर्न दाखिल करें, देय कर का नियमित भुगतान करें तथा अपने व्यावसायिक अभिलेखों को अद्यतन एवं व्यवस्थित रखें।