महिलाओं से मारपीट के मामले में तीन दिन बाद दर्ज हुई एफआईआर, पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

लापुर (अम्बेडकरनगर)।राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र के भभौरा गांव में आबादी की जमीन को लेकर हुए विवाद में महिलाओं के साथ कथित मारपीट और अभद्रता का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि घटना के बाद तीन दिन तक थाने के चक्कर लगाने के बावजूद मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। बाद में पुलिस ने तीन नामजद आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

पीड़िता काजल पुत्री योगेन्द्र प्रसाद ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि 2 अगस्त को गांव के अमित, देवेन्द्र, श्यामू समेत अन्य लोग उनके घर में घुस आए। आरोप है कि उन्होंने गाली-गलौज करने के बाद विरोध करने पर महिलाओं के साथ लाठी-डंडों और लात-घूंसों से मारपीट की। जान बचाने के लिए बाहर निकली महिलाओं का पीछा कर उन्हें पीटा गया। एक महिला के बाल पकड़कर जमीन पर घसीटने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का दावा किया जा रहा है।

पीड़िता के अनुसार, मारपीट में सरिता, लीलावती और बबीता को भी चोटें आईं। उनका कहना है कि घटना के तुरंत बाद नामजद तहरीर दी गई, लेकिन तीन दिन तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इससे पीड़ित परिवार को न्याय के लिए लगातार थाने के चक्कर लगाने पड़े।

मामले में तीसरे दिन राजेसुल्तानपुर पुलिस ने तीन आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बाद क्षेत्र में महिलाओं की सुरक्षा और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि महिलाओं से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई से ही लोगों का कानून व्यवस्था पर भरोसा मजबूत हो सकता है।