वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए एसएमवीडी नारायणा अस्पताल की बड़ी पहल, 60 से अधिक पेंशनरों की हुई जांच

वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए एसएमवीडी नारायणा अस्पताल की बड़ी पहल, 60 से अधिक पेंशनरों की हुई जांच

हड्डी एवं जोड़ सप्ताह के तहत विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित, बोन मिनरल डेंसिटी जांच के साथ विशेषज्ञों ने दी स्वस्थ और सक्रिय जीवन की सलाह

जम्मू। वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और बढ़ती उम्र में हड्डियों एवं जोड़ों से जुड़ी समस्याओं की समय रहते पहचान एवं रोकथाम के उद्देश्य से श्री माता वैष्णो देवी नारायणा सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल और केंद्रीय सरकारी पेंशनर्स कल्याण संघ (सीजीपीडब्ल्यूए), जम्मू के संयुक्त तत्वावधान में विशेष हड्डी एवं जोड़ स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। गांधी नगर स्थित अस्पताल के डे-केयर सेंटर में आयोजित इस शिविर में 60 से अधिक वरिष्ठ पेंशनरों ने हिस्सा लिया।

यह स्वास्थ्य शिविर हड्डी एवं जोड़ सप्ताह के तहत आयोजित किया गया, जिसमें वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य, गतिशीलता और आत्मनिर्भरता पर विशेष ध्यान दिया गया। शिविर का उद्देश्य उम्र के साथ होने वाली हड्डियों और जोड़ों की समस्याओं की समय रहते पहचान करना, उनके बचाव के उपायों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा जरूरतमंद लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह उपलब्ध कराना रहा।

शिविर में जम्मू के सेवानिवृत्त आईएएस एवं केएएस अधिकारियों सहित कई वरिष्ठ पूर्व सरकारी अधिकारियों ने भाग लिया। इस अवसर पर सीजीपीडब्ल्यूए के अध्यक्ष कुलदीप खोडा, एसएमवीडीएस बोर्ड के सदस्य डॉ. अशोक भान और सीजीपीडब्ल्यूए के महासचिव के.बी. जंडियल सहित संगठन के वरिष्ठ सदस्य मौजूद रहे।

विशेषज्ञ चिकित्सक ने की जांच

वरिष्ठ नागरिकों की जांच डॉ. विकास पाधा, वरिष्ठ सलाहकार एवं जोड़ प्रत्यारोपण सर्जन, श्री माता वैष्णो देवी नारायणा सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल ने की। इस दौरान घुटने एवं कूल्हे के दर्द, गठिया, कमर दर्द, चलने-फिरने में परेशानी, जोड़ों में होने वाले क्षरण और उम्र से संबंधित अन्य हड्डी एवं जोड़ संबंधी समस्याओं की जांच की गई।

शिविर में बोन मिनरल डेंसिटी (बीएमडी) जांच की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। इसके माध्यम से हड्डियों की मजबूती का आकलन कर ऑस्टियोपोरोसिस तथा उम्र के साथ हड्डियों के कमजोर होने के संभावित जोखिम की पहचान करने का प्रयास किया गया। विशेषज्ञों के अनुसार कमजोर हड्डियां वरिष्ठ नागरिकों में गिरने की स्थिति में फ्रैक्चर का खतरा बढ़ा सकती हैं, इसलिए समय पर जांच और उचित देखभाल बेहद महत्वपूर्ण है।

पुराने मरीजों को सक्रिय देखकर चिकित्सक भी हुए उत्साहित

शिविर की सबसे सकारात्मक बात यह रही कि इसमें अस्पताल के ऐसे कई पुराने मरीज भी पहुंचे, जिनका पहले डॉ. विकास पाधा द्वारा विभिन्न हड्डी एवं जोड़ संबंधी समस्याओं का उपचार और जोड़ प्रत्यारोपण किया जा चुका है। उपचार के बाद स्वस्थ होकर सक्रिय और आत्मनिर्भर जीवन जी रहे इन वरिष्ठ नागरिकों ने शिविर में अपने चिकित्सक से मुलाकात की और आगे की देखभाल एवं स्वास्थ्य संबंधी सलाह ली।

डॉ. विकास पाधा ने कहा कि जिन मरीजों का पहले उपचार किया गया था, उन्हें आज सक्रिय और आत्मनिर्भर जीवन जीते देखना बेहद उत्साहजनक है। उन्होंने कहा कि बढ़ती उम्र का अर्थ दर्द और सीमित गतिशीलता के साथ जीवन बिताना नहीं है। समय पर बीमारी की पहचान, उचित उपचार, नियमित व्यायाम और हड्डियों के स्वास्थ्य पर ध्यान देकर वरिष्ठ नागरिक लंबे समय तक सक्रिय और बेहतर जीवन जी सकते हैं।

उन्होंने कहा कि लगातार बने रहने वाले जोड़ों के दर्द या चलने-फिरने में परेशानी को केवल उम्र का सामान्य प्रभाव मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। नियमित शारीरिक गतिविधि, मांसपेशियों की मजबूती, पर्याप्त पोषण और समय-समय पर हड्डियों की जांच से गिरने, फ्रैक्चर और गतिशीलता कम होने के जोखिम को कम किया जा सकता है।

बुजुर्गों के लिए निवारक स्वास्थ्य सेवाएं जरूरी

एसएमवीडीएस बोर्ड के सदस्य डॉ. अशोक भान ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए निवारक स्वास्थ्य सेवाओं के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नियमित स्वास्थ्य जांच और समय पर विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श वरिष्ठ नागरिकों की गतिशीलता, आत्मनिर्भरता और जीवन की गुणवत्ता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

उन्होंने अस्पताल की ओर से वरिष्ठ नागरिकों के लिए इस तरह के स्वास्थ्य कार्यक्रम आयोजित किए जाने की सराहना की और कहा कि ऐसे शिविर विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के और करीब लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

वहीं सीजीपीडब्ल्यूए के अध्यक्ष कुलदीप खोडा ने शिविर की सराहना करते हुए कहा कि बढ़ती उम्र के साथ स्वास्थ्य और गतिशीलता को बनाए रखना और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। उन्होंने वरिष्ठ पेंशनरों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने में अस्पताल के सहयोग की सराहना की।

सीजीपीडब्ल्यूए के महासचिव के.बी. जंडियल ने कहा कि संगठन पेंशनरों के कल्याण के साथ-साथ स्वस्थ उम्रदराज जीवन, निवारक स्वास्थ्य देखभाल और समय पर चिकित्सकीय परामर्श के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने विशेषज्ञ परामर्श और हड्डियों की जांच की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल का आभार जताया।

जम्मूवासियों के लिए डे-केयर सेंटर में विशेषज्ञ सुविधाएं

श्री माता वैष्णो देवी नारायणा सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल का गांधी नगर स्थित डे-केयर सेंटर जम्मू के लोगों को अस्पताल की विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं के नजदीक उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। यहां डायलिसिस, कीमोथेरेपी और विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श जैसी सुविधाएं डे-केयर व्यवस्था के तहत उपलब्ध कराई जाती हैं।

हड्डी एवं जोड़ सप्ताह के तहत आयोजित इस शिविर में ऑस्टियोपोरोसिस, गठिया, जोड़ों में क्षरण, फ्रैक्चर से बचाव और बढ़ती उम्र में हड्डियों की मजबूती एवं गतिशीलता बनाए रखने के प्रति जागरूकता पर विशेष जोर दिया गया।

अस्पताल की ओर से जम्मू-कश्मीर में सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने के साथ-साथ रोकथाम, समय पर बीमारी की पहचान और आधुनिक उपचार को बढ़ावा दिया जा रहा है।

शिविर का समापन वरिष्ठ नागरिकों को मजबूत हड्डियों, स्वस्थ जोड़ों और आत्मनिर्भर जीवन का संदेश देते हुए हुआ। अस्पताल और सीजीपीडब्ल्यूए ने भविष्य में भी पेंशनरों एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए ऐसे उपयोगी स्वास्थ्य शिविर और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई।