संस्कार भारती श्रीगंगानगर द्वारा कला गुरु सम्मान समारोह का आयोजन 2 अगस्त को

साहित्य, संगीत, नाट्य, नृत्य एवं चित्रकला के पांच वरिष्ठ कला गुरुओं का होगा सम्मान

श्रीगंगानगर, भारतीय संस्कृति, कला और संस्कारों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए समर्पित अग्रणी सांस्कृतिक संगठन संस्कार भारती, श्रीगंगानगर द्वारा आगामी 2 अगस्त 2026 (रविवार) सायं 6:51 बजे श्री आत्म वल्लभ जैन गर्ल्स कॉलेज, श्रीगंगानगर में भव्य ?कला गुरु सम्मान समारोह? आयोजित किया जाएगा। इस समारोह में जिले की विभिन्न कला विधाओं में आजीवन योगदान देने वाले पांच प्रतिष्ठित कला साधकों को सम्मानित किया जाएगा। यह आयोजन भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा के सम्मान और कला साधना के प्रति समाज में नई चेतना जागृत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। संस्कार भारती देशभर में कला गुरुओं के सम्मान और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए ऐसे आयोजन करती रही है।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में श्री नयन गौतम, आईएएस, जिला उपखण्ड अधिकारी, श्रीगंगानगर उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता एडवोकेट दीपक जैन, पूर्व अध्यक्ष टैक्स बार एसोसिएशन, श्रीगंगानगर करेंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. रजनी अग्रवाल, कार्यकारी निदेशक, सुरेन्द्रा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस तथा श्री श्याम जैन, कोषाध्यक्ष, ब्लूमिंग डेल्स इंटरनेशनल स्कूल अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे।
संस्कार भारती द्वारा इस अवसर पर पांच प्रमुख कला विधाओं के वरिष्ठ कलाकारों को ?कला गुरु सम्मान? से अलंकृत किया जाएगा। सम्मानित होने वाले कला गुरुओं में नाट्य विधा से वरिष्ठ रंगकर्मी श्री विजय जोरा, संगीत विधा से प्रसिद्ध संगीत साधक श्री कपिल कालड़ा, साहित्य विधा से प्रख्यात साहित्यकार डॉ. रामनारायण शर्मा, नृत्य विधा से विख्यात कत्थक गुरु श्रीमती भावना कथक तथा चित्रकला विधा से वरिष्ठ चित्रकार रजनी वर्मा शामिल हैं। इन सभी विभूतियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में वर्षों की साधना, प्रशिक्षण और समाज को नई पीढ़ी के कलाकार प्रदान करने में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
संस्कार भारती के प्रांतीय उपाध्यक्ष निर्मल जैन ने बताया कला गुरु सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों का सम्मान नहीं है, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखने वाले उन गुरुओं के प्रति समाज की सामूहिक कृतज्ञता का प्रतीक है, जिन्होंने अपने जीवन का अधिकांश समय कला के संरक्षण, संवर्धन और नई पीढ़ी को संस्कारित करने में समर्पित किया है।
संगठन का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं और ललित कलाओं को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है और कला के क्षेत्र में गुरु का योगदान केवल तकनीकी प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वह शिष्य के व्यक्तित्व, संस्कार और जीवन मूल्यों का भी निर्माण करता है। ऐसे गुरुओं का सम्मान करना पूरे समाज का दायित्व है।
जिला अध्यक्ष सुरेन्द्र कच्छवाहा ने कहा कि संस्कार भारती वर्षों से भारतीय कला, साहित्य, संगीत, नाट्य और चित्रकला के संरक्षण के लिए सतत कार्य कर रही है। इस आयोजन के माध्यम से युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने तथा कला के प्रति सम्मान और प्रेरणा का वातावरण तैयार किया जाएगा।
कार्यक्रम के अध्यक्ष उमेश बंसल ने नागरिकों से समारोह में अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर सम्मानित कला गुरुओं का उत्साहवर्धन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज जब अपने कलाकारों और गुरुओं का सम्मान करता है, तभी संस्कृति सशक्त बनती है और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा मिलती है।
कार्यक्रम संयोजक राधा शर्मा, सचिव आकांक्षा आहूजा तथा सह-संयोजक डॉ. सोनिया कंसल ने संयुक्त रूप से बताया कि समारोह की सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। आयोजन में शहर के साहित्यकार, कलाकार, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता, विद्यार्थी एवं विभिन्न सांस्कृतिक संस्थाओं के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में भाग लेंगे। समारोह में भारतीय संस्कृति की गरिमा के अनुरूप सांस्कृतिक वातावरण निर्मित किया जाएगा तथा सम्मानित कला गुरुओं का पारंपरिक सम्मान किया जाएगा।
सोमेश शर्मा उपाध्यक्ष व मीडिया प्रभारी ने सभी कला प्रेमियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे 2 अगस्त 2026, रविवार, सायं 6:51 बजे श्री आत्म वल्लभ जैन गर्ल्स कॉलेज, श्रीगंगानगर में आयोजित इस गरिमामयी समारोह में समय पर पहुंचकर भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा और कला साधना को सम्मान देने के इस ऐतिहासिक आयोजन के सहभागी बनें तथा सम्मानित कला गुरुओं का उत्साहवर्धन करें।