नाटक चार टांगे ने सामाजिक बुराइयों पर की गहरी चोट 

राष्ट्रीय कला मंदिर के तत्वावधान में सफल मंचन

श्रीगंगानगर । सुरेश स्वप्निल द्वारा लिखित इस प्रसिद्ध नाटक का मंचन राष्ट्रीय कला मंदिर के तत्वावधान में रविवार शाम को रोहित उद्योग परिसर में स्थित चौधरी रामजस सदन ऑडिटोरियम में रंगकर्मी और अभिनेता विजय जोरा के निर्देशन में सफलतापूर्वक किया गया।यह नाटक सामाजिक व्यवस्था में फैली चार प्रमुख बुराइयों पर तीखा व्यंग्य करता है। चार टांगों के प्रतीकात्मक रूप से बुराइयों को उजागर करते हुए नाटक समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार, अन्याय और नैतिक पतन की मार्मिक आलोचना प्रस्तुत करता है। हास्य और व्यंग्य के माध्यम से यह दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देता है।

मुख्यातिथि दीपक वॉट्स रीजन चेयरमैन लायंस क्लब के साथ अध्यक्ष वीरेंद्र बैद, मुख्य संरक्षक विजय गोयल , संरक्षक मोहन लाल चितलांगिया , विनोद अग्रवाल , निर्देशक विजय जोरा ने दीप प्रज्ज्वलित किया। सभी कलाकारों का सम्मान किया गया।कार्यशाला के प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी दिए गए। सह सचिव सुनील शर्मा ने सभी व्यवस्थाओं के साथ मंच संचालन का कार्यभार भी संभाला यह मंचन जून माह के प्रथम पखवाड़े में राष्ट्रीय कला मंदिर द्वारा आयोजित अभिनय कार्यशाला के सफल समापन के उपलक्ष्य में प्रस्तुत किया गया। नाटक का मंचन शानदार तथा प्रभावपूर्ण रहा। नाट्य प्रेमियों को इस नाटक को देखने में खूब आनंद आया। नाटक में गौरव बलाना नेताजी, उमंग शर्मा न्यूज रिपोर्टर, विक्रम मोंगा असिस्टेंट, दीजा पहली टांग, लिशिका दूसरी टांग,पायल तीसरी टांग ,हिमांशी वर्मा चौथी टांग, वृंदा चमचा एक, भव्य गुप्ता चमचा दो, मयंक कामरा सूत्रधार ,अंग्रेज सिंह फकीर, साहिल मौर्य, युवक ,अमित कटारा हवलदार तथा हर्ष छनपहाड़िया मन की भूमिका निभाई। मंच पार्श्व का दायित्व रितुसिंह ने संभाला। कार्यक्रम में शैलेंद्र साहू , रामगोपाल जसूजा , गिरधारी लाल जैन ,राकेश मितवा,अमित नागपाल ,अरुण खामखा , मदन अरोड़ा , मोहन दादरवाल ,मीनाक्षी आहूजा , सुषमा गुप्ता , सेनापति नारंग आदि अनेक गणमान्य व्यक्ति तथा बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे