मध्य रेल ने रचा नया कीर्तिमान, पहली तिमाही में स्क्रैप बिक्री से कमाए ₹136.10 करोड़

मुंबई। मध्य रेल ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल?जून) में स्क्रैप बिक्री के क्षेत्र में नया रिकॉर्ड कायम करते हुए ₹136.10 करोड़ का राजस्व अर्जित किया है। यह पिछले पाँच वर्षों की पहली तिमाही का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है और पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 89 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

मध्य रेल द्वारा "मिशन?जीरो स्क्रैप स्टेटस" अभियान के तहत सभी पाँच मंडलों और कारखानों में पड़े अनुपयोगी स्क्रैप की पहचान कर उसके व्यवस्थित निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाया गया। इस पहल से न केवल रेलवे को रिकॉर्ड राजस्व प्राप्त हुआ, बल्कि संसाधनों के प्रभावी उपयोग और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिला।

आंकड़ों के अनुसार, मुंबई मंडल ने ₹22.43 करोड़ की स्क्रैप बिक्री के साथ पहला स्थान हासिल किया। इसके बाद भुसावल मंडल ने ₹20.44 करोड़, नागपुर मंडल ने ₹19.98 करोड़, पुणे मंडल ने ₹18.19 करोड़ और सोलापुर मंडल ने ₹6.44 करोड़ का राजस्व अर्जित किया। वहीं परेल और माटुंगा कारखानों सहित अन्य शेडों एवं इकाइयों ने मिलकर ₹48.62 करोड़ की स्क्रैप बिक्री कर महत्वपूर्ण योगदान दिया।

रेलवे ने परमानेंट-वे के पुराने स्लीपर, लौह एवं अलौह धातु स्क्रैप, अनुपयोगी कोच एवं वैगन तथा अन्य कबाड़ सामग्री के वैज्ञानिक और व्यवस्थित निस्तारण के माध्यम से यह उपलब्धि हासिल की।

मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्नील निला ने बताया कि यह सफलता मध्य रेल की वित्तीय अनुशासन, परिचालन दक्षता, संसाधनों के बेहतर उपयोग और पर्यावरणीय सततता के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता का प्रमाण है। "मिशन?जीरो स्क्रैप स्टेटस" अभियान के जरिए भविष्य में भी इसी प्रकार के बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे।