मुंबई–अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना को नई रफ्तार, अत्याधुनिक विद्युतीकरण कार्य तेजी से आगे बढ़ा

देश की पहली हाई-स्पीड रेल परियोजना मुंबई अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर निर्माण कार्य के साथ-साथ अत्याधुनिक विद्युतीकरण का काम भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। 508 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर पहली बार 2 25 केवी ओवरहेड ट्रैक्शन सिस्टम लगाया जा रहा है, जिससे 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली बुलेट ट्रेनों को निर्बाध और स्थिर बिजली आपूर्ति मिल सकेगी।

इस परियोजना के तहत महाराष्ट्र और गुजरात में 14 ट्रैक्शन सबस्टेशन, 31 स्विचिंग पोस्ट तथा स्टेशनों और अन्य परिचालन सुविधाओं के लिए 16 डिस्ट्रीब्यूशन सबस्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। इससे पूरी रेल लाइन पर बिजली आपूर्ति बिना किसी रुकावट के सुनिश्चित होगी और किसी तकनीकी समस्या की स्थिति में तुरंत समाधान संभव होगा।

बुलेट ट्रेन के लिए लगभग 22,000 स्टील के मास्ट, 25,700 से अधिक कैंटिलीवर असेंबली तथा 1,125 ट्रैक किलोमीटर में फैला अत्याधुनिक ओवरहेड विद्युत नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। यह तकनीक भारत में पहली बार इस्तेमाल हो रही है और हाई-स्पीड रेल संचालन के लिए विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप विकसित की गई है।

'मेक इन इंडिया' को मिला बड़ा बढ़ावा

इस महत्वाकांक्षी परियोजना का बड़ा हिस्सा अब देश में ही निर्मित उपकरणों पर आधारित है। ट्रांसफॉर्मर, ओएचई मास्ट, क्रॉस आर्म, ग्राउंड वायर, फीडर वायर और कई अन्य विद्युत उपकरण भारत में बनाए जा रहे हैं। इससे भारतीय उद्योग को नई तकनीक, रोजगार के अवसर और आत्मनिर्भरता को मजबूती मिल रही है।

भूकंप से सुरक्षा के लिए उन्नत तकनीक

परियोजना में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 28 अत्याधुनिक सिस्मोमीटर लगाए जा रहे हैं। ये उपकरण भूकंप के शुरुआती झटकों का पता लगाकर कुछ ही सेकंड में ट्रेनों को स्वतः रोकने की क्षमता रखते हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

स्मार्ट कंट्रोल सिस्टम से होगी निगरानी

पूरे हाई-स्पीड रेल विद्युत नेटवर्क की केंद्रीकृत नियंत्रण केंद्र से चौबीसों घंटे रियल-टाइम निगरानी की जाएगी। किसी भी तकनीकी गड़बड़ी की स्थिति में स्वचालित सुरक्षा प्रणाली तुरंत सक्रिय होकर सुरक्षित और निर्बाध संचालन सुनिश्चित करेगी।

मुंबई अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना केवल देश को विश्वस्तरीय हाई-स्पीड रेल सेवा ही नहीं दे रही, बल्कि आधुनिक तकनीक, स्वदेशी निर्माण, हरित ऊर्जा और सुरक्षित परिवहन के क्षेत्र में भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का भी मार्ग प्रशस्त कर रही है।