वैगन मरम्मत कारखाना झांसी को मिला प्रतिष्ठित 'ग्रीनको गोल्ड रेटिंग' सम्मान, उत्तर मध्य रेलवे का पहला कारखाना बना

प्रयागराज। उत्तर मध्य रेलवे के वैगन मरम्मत कारखाना, झांसी ने पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के बेहतर उपयोग के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की प्रतिष्ठित 'ग्रीनको गोल्ड रेटिंग' प्राप्त की है। इस सम्मान के साथ झांसी कारखाना उत्तर मध्य रेलवे का पहला और एकमात्र कारखाना बन गया है, जिसे यह प्रतिष्ठित रेटिंग मिली है।

मंगलवार को उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय में आयोजित विशेष बैठक के दौरान प्रधान मुख्य यांत्रिक इंजीनियर अनिल कुमार द्विवेदी ने यह सम्मान-पत्र महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह को सभी प्रधान विभागाध्यक्षों की उपस्थिति में सौंपा। इस दौरान ग्रीनको मूल्यांकन प्रक्रिया और कारखाने की पर्यावरणीय उपलब्धियों की भी जानकारी दी गई।

महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने इस उपलब्धि पर पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान कारखाने की पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और हरित विनिर्माण के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि भारतीय रेल के 'हरित रेल' अभियान और भारत सरकार के नेट-ज़ीरो कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

इन उपलब्धियों के आधार पर मिला सम्मान

झांसी स्थित वैगन मरम्मत कारखाने ने कई अभिनव और पर्यावरण अनुकूल पहलें लागू की हैं, जिनमें प्रमुख हैं?

देश का सबसे बड़ा 5 मेगावाट क्षमता वाला रूफटॉप सोलर प्लांट, जो भारतीय रेल के सभी कारखानों में सबसे बड़ा है।

कारखाने की 80 से 85 प्रतिशत बिजली की जरूरत सौर ऊर्जा से पूरी की जा रही है।

वर्षा जल संचयन और भूजल के शून्य उपयोग की दिशा में प्रभावी कार्य।

परिसर में 5,000 से अधिक वृक्षारोपण और हेरिटेज पार्क का विकास।

प्लाज़्मा कटिंग, स्वचालित ग्रीस फिलिंग मशीन, डिजिटल क्रय प्रणाली, सीबीसी लॉक इंडीकेटर मैकेनिज्म और सौर ऊर्जा संचालित गार्ड वैन जैसी आधुनिक तकनीकों का सफल उपयोग।

ग्रीनको रेटिंग के तहत ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी, अपशिष्ट प्रबंधन, पुनर्चक्रण और हरित अवसंरचना जैसे कई महत्वपूर्ण मानकों पर मूल्यांकन किया जाता है।

इस अवसर पर उत्तर मध्य रेलवे के तीनों मंडलों के मंडल रेल प्रबंधक तथा वैगन मरम्मत कारखाना, झांसी के मुख्य कारखाना प्रबंधक अजय श्रीवास्तव सहित वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए। यह उपलब्धि उत्तर मध्य रेलवे की पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण मानी जा रही है।