एसएसपी ऑफिस के बाहर महिला ने खुद पर डीजल छिड़ककर की आत्मदाह की कोशिश, पुलिस की तत्परता से टला बड़ा हादसा

बरेली। एसएसपी कार्यालय परिसर मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी में बदल गया, जब बहेड़ी थाना क्षेत्र की एक महिला ने न्याय न मिलने से क्षुब्ध होकर आत्मदाह का प्रयास कर दिया। महिला अपने साथ डीजल से भरा डिब्बा लेकर पहुंची और अचानक खुद पर डीजल उड़ेल लिया। इससे पहले कि वह आग लगा पाती, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने फुर्ती दिखाते हुए उसे पकड़ लिया। पुलिस की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद पुलिस कार्यालय में कुछ देर के लिए हड़कंप मच गया और अधिकारियों ने तत्काल महिला को अपने संरक्षण में ले लिया। महिला की पहचान मीना देवी पत्नी गनपत सिंह, निवासी ग्राम उल्हैतापुर, थाना बहेड़ी के रूप में हुई है। उसे पहले एसपी साउथ अंशिका वर्मा के कार्यालय ले जाया गया, जहां अधिकारियों ने उसकी पूरी शिकायत सुनी।इसके बाद महिला को महिला थाना पुलिस के सुपुर्द कर एहतियातन जिला अस्पताल भेज दिया गया।
मीना देवी ने बताया कि 4 मार्च 2026 की रात गांव में डीजे के पास हुए विवाद के दौरान उनके बेटे अभिजीत के साथ मारपीट की गई। जब वह बीच-बचाव के लिए पहुंचीं तो आरोप है कि अजय पाल, संजय, सचिन और अन्य लोगों ने उन्हें पकड़कर बेल्ट से पीटा तथा जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए अपमानित किया। शोर सुनकर ग्रामीण पहुंचे तो किसी तरह उन्हें आरोपियों के चंगुल से छुड़ाया गया। महिला का आरोप है कि घटना के दौरान उनके बेटे के साथ भी मारपीट हुई और आरोपियों ने पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी।
पीड़िता का आरोप है कि उसने कई बार बहेड़ी थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कार्रवाई के बजाय विवेचना के दौरान तीन आरोपियों के नाम ही हटा दिए गए। महिला ने संबंधित विवेचक पर आरोप लगाया कि वह शिकायत सुनने के बजाय डांटकर भगा देते हैं और आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। लगातार मिल रही धमकियों और कार्रवाई न होने से परेशान होकर उसने पुलिस कार्यालय पहुंचकर आत्मदाह जैसा कदम उठाने की कोशिश की। घटना के बाद अधिकारियों ने महिला को समझाकर शांत कराया। पुलिस का कहना है कि महिला द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। संबंधित प्रकरण की समीक्षा कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पुलिसकर्मियों की तत्परता से समय रहते महिला को बचा लिया गया, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई।