मौलाना तौकीर रजा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, 26 सितंबर मामले में जमानत याचिका खारिज

बरेली में 26 सितंबर 2025 को हुए बवाल मामले के मुख्य आरोपी मौलाना तौकीर रजा को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने भी उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। मौलाना पर दंगा, पथराव, फायरिंग और पुलिस पर हमले के आरोप हैं। इस मामले में अदालत के फैसले के बाद फिलहाल उनकी जेल से रिहाई की उम्मीद और टल गई है। बारादरी थाने के मुकदमे में मांगी थी जमानत बताया जाता है कि मौलाना तौकीर रजा ने बारादरी थाने में दर्ज एफआईआर संख्या 1146/2025 के मामले में सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी। यह मुकदमा तत्कालीन बारादरी इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय की तहरीर पर दर्ज किया गया था।एफआईआर में तौकीर रजा समेत 28 नामजद और करीब 250 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। बरेली पुलिस ने जमानत का विरोध किया, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। बवाल के दौरान पथराव और फायरिंग का आरोप पुलिस के अनुसार, 26 सितंबर 2025 को जुमा की नमाज के बाद करीब 250 लोगों की भीड़ आजाद इंटर कॉलेज की ओर से श्यामगंज चौराहे पहुंची और इस्लामिया ग्राउंड की ओर बढ़ने लगी। पुलिस द्वारा रोकने पर भीड़ ने पथराव और फायरिंग शुरू कर दी। हालात बिगड़ने के बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस हिंसा के कारण शहर के कई इलाकों में तनाव फैल गया था और स्थिति संभालने के लिए भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात करनी पड़ी थी। 12 मुकदमों में मुख्य आरोपी हैं तौकीर रजा दंगे के बाद पुलिस ने अलग-अलग थानों में कुल 12 मुकदमे दर्ज किए। इन सभी मामलों में मौलाना तौकीर रजा को मुख्य आरोपी बनाया गया है। घटना वाले दिन ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर फतेहगढ़ केंद्रीय कारागार भेज दिया था, जहां वह तब से लगातार बंद हैं। करीब 100 आरोपी गिरफ्तार, चार्जशीट दाखिल दंगा मामले की जांच के दौरान पुलिस अब तक करीब 100 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और सभी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। सुप्रीम कोर्ट से भी जमानत याचिका खारिज होने के बाद मौलाना तौकीर रजा की रिहाई की संभावना फिलहाल और दूर हो गई है।