अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत नांदुरा रेलवे स्टेशन का हुआ कायाकल्प, जल्द राष्ट्र को होगा समर्पित

मुंबई। मध्य रेल के भुसावल मंडल स्थित नांदुरा रेलवे स्टेशन का अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत आधुनिक सुविधाओं से लैस व्यापक पुनर्विकास किया गया है। करीब 10.63 करोड़ रुपये की लागत से तैयार स्टेशन का जल्द ही राष्ट्र को समर्पण किया जाएगा। पुनर्विकास के बाद स्टेशन यात्रियों को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और आधुनिक यात्रा अनुभव प्रदान करेगा।

हावड़ा?नागपुर?मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर स्थित नांदुरा स्टेशन बुलढाणा जिले का प्रमुख रेलवे स्टेशन है। यहां प्रतिदिन औसतन 4,545 यात्री आवागमन करते हैं तथा 26 ट्रेनों का ठहराव होता है। वर्ष 1888 में शुरू हुआ यह स्टेशन क्षेत्र के कृषि, व्यापार और यातायात का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है।

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशन पर आधुनिक बुकिंग कार्यालय, चार टिकट काउंटर, विशाल प्रतीक्षालय, वातानुकूलित प्रतीक्षाकक्ष, पुरुष, महिला एवं दिव्यांग यात्रियों के लिए अलग शौचालय, आकर्षक प्रवेश द्वार, आधुनिक पार्किंग, नया सर्कुलेटिंग एरिया, प्लेटफॉर्म शेल्टर, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, डिजिटल साइनेज, स्पर्शनीय (टैक्टाइल) पथ, दिव्यांग अनुकूल सुविधाएं तथा पेयजल की आधुनिक व्यवस्था विकसित की गई है।

स्टेशन परिसर में दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए 1,307 वर्गमीटर का पार्किंग क्षेत्र भी तैयार किया गया है। इसके अलावा प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर 160 मीटर तथा प्लेटफॉर्म संख्या-2 पर 224 मीटर लंबे नए शेल्टर बनाए गए हैं, जिससे यात्रियों को मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में भी बेहतर सुविधा मिलेगी।

रेलवे के अनुसार, स्टेशन के आधुनिकीकरण से यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा, स्वच्छता और सुगम आवाजाही में उल्लेखनीय सुधार होगा। वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधाएं भी विकसित की गई हैं।

नांदुरा केवल रेलवे स्टेशन ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के कृषि एवं व्यापार का प्रमुख केंद्र भी है। यहां से गेहूं, सोयाबीन, प्याज और कपास जैसी कृषि उपज देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाई जाती है। इसके अलावा यह क्षेत्र अपने प्रसिद्ध खावा (मावा) तथा 105 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा के लिए भी जाना जाता है, जिससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

मध्य रेल ने बताया कि भुसावल मंडल में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 15 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। इनमें सावदा, धुले, देवलाई, मुर्तिजापुर और लासलगांव पहले ही राष्ट्र को समर्पित किए जा चुके हैं, जबकि अब नांदुरा भी इस सूची में शामिल होने जा रहा है। रेलवे का मानना है कि स्टेशन का आधुनिकीकरण क्षेत्रीय विकास, व्यापार और पर्यटन को नई गति देगा।