किसानों पर वन विभाग द्वारा किए गए एफआईआर को वापस ले विभाग,नहीं तो करेंगे आंदोलन।

वाल्मीकि नगर से अभिमन्यु कुमार गुप्ता की रिपोर्ट।प्रखंड बगहा 2 के अंतर्गत वाल्मीकि नगर स्थित ठाढी धनहियां रेता में गुरुवार को वन विभाग द्वारा वन कक्ष संख्या 28, 29 और 30 में वर्षों से लगभग पांच गांव के किसानों द्वारा खेती बारी कर अपना जीवकोपार्जन करते हैं को खाली कराने गए वन विभाग गया था।जिसमें किसानों के लगभग 7 एकड़ भूमि पर लगे गन्ने के फसल को नष्ट किया गया था।जिससे उग्र हुए किसानों और वन कर्मीयों के बीच हुए हिंसक झड़प के कारण वन प्रशासन द्वारा 7 नामजद और 150 अज्ञात के विरुद्ध वाल्मीकिनगर थाने में आवेदन दे कर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।उन पीड़ित किसानों से शनिवार को भाकपा माले के नेता सह सिकटा विधानसभा के पूर्व विधायक वीरेंद्र गुप्ता मिल कर उनके साथ एक बैठक ठाढी गांव में की।साथ ही अपने अधिकार के लिए लड़ने की बात कही। माले नेता श्री गुप्ता ने बताया कि राज्य और केंद्र की सरकार लैंड बैंक बनाने का कार्य कर रही है।अतिक्रमण भूमि को खाली कराने के नाम पर बेघर भूमिहीन गरीब लोगों से भूमि छिन कर बड़े कारोबारियों को देने का काम कर रही है। साथ उन्होंने बताया कि ठाड़ी के मजदूर किसानों की जोत आबाद की जमीन पर पर्चा देकर सरकार उसे स्थापित करें। बुलडोजर और दमन की सरकार बन गई है सम्राट सरकार।ठाढी के मजदूर किसानों पर हुआ मुकदमा वापस ले सरकार। 14 जुलाई को अनुमंडल कार्यालय पर बुलडोजर राज्य के खिलाफ भूमि अधिकार के लिए हमारी पार्टी प्रदर्शन करेगी।ठाढी के किसानों के लगभग 5 एकड़ गन्ना फसल को वन कर्मी द्वारा बर्बाद गैर कानूनी तरीके से की गई है। इसमें दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की जाएगी।ठाड़ी के लगभग 7 गरीब भूमिहीन की झोपड़ी को उजाड़ने वाले रेंजर पर मुकदमा दर्ज हो।ठाड़ी के लगभग 200 परिवार की 62 एकड़ आवासीय भूमि की बंदोबस्ती का पर्चा कैंसिल करने की सरकार की साजिश के खिलाफ जन प्रतिरोध किया जाएगा। 14 जुलाई को भूमि अधिकार, पर्चे धारीयों की जमीन पर अधिकार, वन अधिकार कानून लागू करने,वि वी ग्राम की योजना में 125 दिन काम और उसका उचित दाम देने के लिए आंदोलन किया जाएगा।और उन्होंने बताया कि जनता के पक्ष में कानून बनाने की लड़ाई लड़नी है।तथा लोक तंत्र बचाने की भी लड़ाई लड़नी है।साथ ही उन्होंने बताया कि यहां लगभग 1000 एकड़ भूमि जो गंगवार की भूमि है।जिसपर किसानों द्वारा दो पुश्तों से खेती बारी की जाती है।खेती बारी के कारण यह भूमि अब तक बचा हुआ है।अन्यथा यह भूमि भी विवादित सुस्ता भूमि की तरह नेपाल द्वारा अतिक्रमण कर लिया जाता।इस अवसर पर माले नेता परशुराम यादव,वाल्मीकिनगर पंचायत के मुखिया पन्नालाल साह,पूर्व मुखिया मो0 कलाम,उप मुखिया छट्ठू दास,किसान दिनेश कुशवाहा,राजलाल साहनी,सावित्री देवी,ममता देवी,शांति देवी,उत्तर मुखिया,हरिनारायण मुखिया,धर्मेंद्र कुमार,सरल मुखिया,आनंद कुमार सहित दर्जनों की संख्या में ग्रामीण और माले नेता मौजूद रहे।