वाल्मीकि नगर के हवाई अड्डा के विस्तारीकरण की कवायद तेज,विस्तारीकरण में पड़ रहे रैयती भूमि मालिकों से मिले अधिकारी,ली सहमति।

वाल्मीकि नगर से अभिमन्यु कुमार गुप्ता की रिपोर्ट।भारत -नेपाल सीमा पर स्थित वाल्मीकि नगर के हवाई अड्डा के विस्तारीकरण की तैयारी तेज कर दी गई है। इसी क्रम में टर्मिनल भवन तक जाने के लिए हवाई अड्डा से लेकर रन वे के अंतिम प्वाइंट तक 20 मीटर चौड़ा पथ का निर्माण किया जाना है। जिसे लेकर वाल्मीकि नगर पंचायत भवन में कैंप का आयोजन शनिवार को किया गया। इस संबंध में वरीय उप समाहर्ता अनवर अंसारी ने बताया कि टर्मिनल भवन तक पहुंचने के लिए हवाई अड्डा के दक्षिण की तरफ से 20 मीटर चौड़ा सड़क का निर्माण किया जाना है। सड़क के निर्माण के लिए लगभग 6.5 एकड़ रैयती भूमि की आवश्यकता पड़ेगी। सड़क के निर्माण में पड़नेवाले रैयतदारों की भूमि की पहचान कर इसकी जानकारी सभी 18 रैयतदारों को पहले ही करा दी गई थी। आज भूमि से संबंधित कागजात की जानकारी के लिए लगाए गए कैंप का आयोजन किया गया है । जिसमें 15 रैयतदार के द्वारा अपनी भूमि संबंधित कागजात को प्रस्तुत किया गया है। कैंप में नही पहुंचे अन्य शेष तीन रैयतदारों से भी दुरभाष पर बात हो चुकी है। सभी भू स्वामियों की भूमि संबंधी कागजात की जांच कर क्रय नीति अंतर्गत भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।

इस अवसर पर बगहा एस डी एम चांदनी कुमारी,अपर जिला भू अर्जन पदाधिकारी राकेश कुमार, सी ओ वसीम अकरम, बीडीओ बिड्डू कुमार, राजस्व कर्मचारी राकेश कुमार, अमीन संजीव कुमार, पवन कुमार, विकास कुमार,वाल्मीकिनगर पंचायत के मुखिया पन्नालाल साह सहित रैयतदार उपस्थित रहे।

*हवाई अड्डा के विस्तारिकरण को लेकर ग्रामीणों में खुशी*

ऐतिहासिक वाल्मीकि नगर एक लंबे अरसे तक बिकास की मुख्य धारा से महरूम रहा। तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की दूरदर्शी सोच ने वाल्मीकि नगर के बदलाव की नयी गाथा को लिखा।

और वाल्मीकिनगरी विकास के राह पर दौड़ पड़ी।

सड़क, अस्पताल, अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर, स्वाभिमान बटालियन,शिक्षा प्रशिक्षण केंद्र बायट आदि के निर्माण से पूर्व का उपेक्षित पिछड़ा क्षेत्र वाल्मीकिनगर आज उतरी बिहार की पहचान की नयी कहानी लिख रहा है।रोजगार के तमाम रास्ते खुले हैं। और अब वाल्मीकिनगर हवाई मार्ग से राजधानी और देश के अन्य हिस्सों से जुड़ ने की तैयारी में है।