भीषमपुर में 350 से अधिक वैध मतदाताओं के नाम कटने का आरोप, पंचायत चुनाव से पहले बढ़ा विवाद

वार्ड 1 से 15 तक के मतदाताओं के नाम सूची से गायब, ग्रामीणों ने एसडीएम, तहसीलदार, जिलाधिकारी व मुख्यमंत्री पोर्टल पर की शिकायत; बीएलओ बोले- हमारे स्तर से नहीं हुई कोई गलती

चंदौली। पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच चकिया विकासखंड की ग्राम पंचायत भीषमपुर में मतदाता सूची को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि ग्राम पंचायत के वार्ड संख्या 1 से 15 तक के लगभग 350 वैध मतदाताओं के नाम अंतिम पंचायत मतदाता सूची-2026 से हटा दिए गए हैं। इस मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि समय रहते उनके नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं किए गए तो वे पंचायत चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग करने से वंचित हो जाएंगे।ग्रामीणों ने मामले की शिकायत उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, जिलाधिकारी सहित मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर भी की है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पात्र मतदाताओं के नाम बिना नियमानुसार प्रक्रिया अपनाए मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं।मामले को और गंभीर तब माना गया जब ग्राम पंचायत के बीएलओ ओमप्रकाश यादव, देवेंद्र भारती एवं श्यामसुंदर यादव ने भी उप जिलाधिकारी एवं सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को लिखित प्रार्थना पत्र देकर बताया कि जिन मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, उनमें उनके स्तर से कोई त्रुटि नहीं हुई है।उनका कहना है कि संबंधित मतदाता पहले प्रकाशित अनंतिम मतदाता सूची में शामिल थे तथा आधार सहित अन्य अभिलेखों के सत्यापन के बावजूद उनके नाम अंतिम सूची से हटा दिए गए।बीएलओ के अनुसार लगभग 350 मूल एवं वैध मतदाताओं के नाम अंतिम सूची से गायब हैं। इनमें से अधिकांश मतदाता किसी अन्य ग्राम पंचायत की मतदाता सूची में भी दर्ज नहीं हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में ग्रामीण मतदान के अधिकार से वंचित हो सकते हैं।

प्रार्थना पत्र पर पर्यवेक्षक की टिप्पणी में भी लगभग 350 से अधिक मूल एवं वैध मतदाताओं के नाम कटने का उल्लेख करते हुए पात्र मतदाताओं के नाम पुनः जोड़े जाने की कार्रवाई कराने का अनुरोध किया गया है।ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव जैसे महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक प्रक्रिया से पहले इस प्रकार बड़ी संख्या में नाम कटना गंभीर विषय है। उन्होंने निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा सभी पात्र मतदाताओं के नाम तत्काल मतदाता सूची में शामिल करने की मांग की है।शिकायतकर्ताओं में उस्मान गनी, मुकेश चौबे, नुरूल अंसारी, भुवनेश्वर पाल, अजय गुप्ता, कैलाश सोनकर, गोपाल दुबे, संदीप प्रजापति, पप्पू अंसारी एवं हृदय मौर्या सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हैं।
बीएलओ ओमप्रकाश यादव, देवेंद्र भारती एवं श्यामसुंदर यादव ने बताया कि मतदाताओं के नाम काटने में हमारी ओर से कोई गलती नहीं हुई है। हमारे स्तर से जिन मतदाताओं का सत्यापन किया गया था, उनके नाम अनंतिम सूची में दर्ज थे।अंतिम सूची से उनके नाम ऊपर स्तर से हटाए गए हैं। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि पात्र मतदाताओं का मतदान का अधिकार सुरक्षित रह सके।

*कोट*
�मतदाता सूची से नाम कटने संबंधी शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की गई है। जांच में यदि पात्र मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए जाने की पुष्टि होती है तो निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए उनके नाम पुनः मतदाता सूची में शामिल कराए जाएंगे। किसी भी पात्र मतदाता के अधिकारों से समझौता नहीं होने दिया जाएगा।"
*विकास मित्तल उपजिलाधिकारी चकिया*

*कोट*
ग्रामीणों एवं बीएलओ की ओर से प्राप्त प्रार्थना पत्र के आधार पर पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी। यदि पात्र मतदाताओं के नाम किसी कारणवश सूची से हटे हैं तो नियमानुसार उनके नाम पुनः जोड़ने की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।
*देवेंद्र यादव तहसीलदार चकिया*