कर्नाटक में दर्दनाक हादसा: चंदौली के युवक की पवनचक्की दुर्घटना में मौत, परिवार में मचा कोहराम मजदूरी करने गए युवक की हादसे में गई जान, गांव में शोक की लहर

कर्नाटक में दर्दनाक हादसा: चंदौली के युवक की पवनचक्की दुर्घटना में मौत, परिवार में मचा कोहराम

मजदूरी करने गए युवक की हादसे में गई जान, गांव में शोक की लहर


बबुरी/चंदौली। चंदौली जनपद के बबुरी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा नसरथा के हथेड़ा स्थित पीढ़ियापर में उस समय मातम छा गया जब गांव के एक युवक की कर्नाटक में हुए दर्दनाक औद्योगिक हादसे में मौत की खबर घर पहुंची। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
मृतक की पहचान पंकज राजभर के रूप में हुई है, जो गांव निवासी बेलास राजभर के इकलौते पुत्र थे।

परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और रोजी-रोटी कमाने के उद्देश्य से पंकज कुछ समय पहले मजदूरी करने कर्नाटक गए थे, जहां वह एक निजी कंपनी में दैनिक मजदूर के रूप में कार्य कर रहे थे।

काम के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा
परिजनों और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार पंकज जिस कंपनी में कार्यरत थे, वहां पवन ऊर्जा परियोजना से जुड़ा कार्य चल रहा था। बताया जा रहा है कि कार्य के दौरान वह एक बड़ी पवनचक्की (विंड टरबाइन) के समीप खड़े थे। इसी बीच अचानक पवनचक्की का एक भारी लोहे का हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भारी लोहे का टुकड़ा सीधे पंकज के सिर पर आ गिरा, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि आसपास मौजूद मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि इस दुर्घटना में कई अन्य श्रमिक भी घायल हुए हैं, जिनका उपचार स्थानीय अस्पतालों में चल रहा है।

इकलौते बेटे की मौत से टूट गया परिवार

पंकज राजभर अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे। उनकी असमय मृत्यु की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पिता बेलास राजभर और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

ग्रामीणों का कहना है कि पंकज मेहनती और मिलनसार स्वभाव के युवक थे। परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने के लिए वे घर से दूर रहकर मेहनत-मजदूरी कर रहे थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि रोजी-रोटी की तलाश में गया युवक इस तरह दुनिया को अलविदा कह देगा।

गांव में पसरा मातम

हादसे की सूचना मिलते ही नसरथा, हथेड़ा और आसपास के गांवों में शोक की लहर फैल गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण मृतक के घर पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधा रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि पंकज परिवार का सहारा थे और उनकी कमाई से ही घर का खर्च चलता था। ऐसे में उनकी मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है।

प्रशासन से सहायता की मांग

ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि परिवार की स्थिति को देखते हुए सरकारी स्तर पर राहत प्रदान की जानी चाहिए।
साथ ही दुर्घटना के कारणों की जांच कर यह सुनिश्चित करने की मांग भी उठी है कि कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा था या नहीं।

प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर दूसरे राज्यों में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों और निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन होना चाहिए ताकि इस प्रकार की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

पूरे क्षेत्र में शोक

पंकज राजभर की असामयिक मृत्यु से पूरा क्षेत्र गमगीन है। गांव के लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
परिजनों को अब उनके पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने का इंतजार है, जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा। गांव में हर किसी की जुबान पर यही चर्चा है कि मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भविष्य संवारने निकला एक युवा अचानक एक दर्दनाक हादसे का शिकार हो गया।