रामपुर कला में मनरेगा कार्यों पर उठे सवाल, कागजों पर चल रहे 188 मजदूरों की फौज, फर्जी मस्टरोल भरने के आरोप ग्रामीणों ने मनरेगा कार्यों की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई, प्रदीप कुमार के द्वारा फर्ज

रामपुर कला में मनरेगा कार्यों पर उठे सवाल, कागजों पर चल रहे 188 मजदूरों की फौज, फर्जी मस्टरोल भरने के आरोप

ग्रामीणों ने मनरेगा कार्यों की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई, प्रदीप कुमार के द्वारा फर्जी मस्टरोल भरने का आरोप

चकिया, चन्दौली। चकिया विकासखंड के रामपुर कला ग्राम पंचायत में संचालित मनरेगा कार्यों को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि मनरेगा के तहत दर्ज मजदूरों की संख्या और कार्यस्थल पर मौजूद श्रमिकों की वास्तविक संख्या में भारी अंतर दिखाई दे रहा है, जिससे योजना के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े हो गए हैं।

कागजों में 188 मजदूर, मौके पर कम श्रमिक होने का दावा

ग्रामीणों का आरोप है कि मनरेगा के मस्टरोल में 188 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज की गई है, जबकि कार्यस्थल पर इतनी संख्या में श्रमिक दिखाई नहीं देते। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई दिनों से चल रहे कार्यों में वास्तविक मजदूरों की संख्या कागजी आंकड़ों से काफी कम है।

फोटो अपलोडिंग प्रक्रिया पर भी उठे सवाल

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि मजदूरों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए प्रयुक्त फोटो और ऑनलाइन अभिलेखों में भी अनियमितताएं हो सकती हैं। कुछ ग्रामीणों का दावा है कि कई मामलों में एक ही व्यक्ति की तस्वीर का उपयोग एक से अधिक मजदूरों की उपस्थिति दर्शाने के लिए किए जाने की आशंका है। हालांकि इन आरोपों की अभी तक किसी सक्षम प्राधिकारी द्वारा पुष्टि नहीं की गई है।

ग्रामीणों ने मांगी उच्चस्तरीय जांच

ग्राम पंचायत के कई लोगों ने मांग की है कि संबंधित कार्यों की तकनीकी एवं प्रशासनिक जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यदि मस्टरोल, उपस्थिति फोटो और भुगतान अभिलेखों की जांच कराई जाए तो वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

मनरेगा का उद्देश्य प्रभावित होने की आशंका

ग्रामीणों का कहना है कि मनरेगा योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराना है। यदि योजना के संचालन में किसी प्रकार की अनियमितता होती है तो इससे पात्र मजदूरों के अधिकार प्रभावित होते हैं और सरकारी धन के उपयोग पर भी प्रश्नचिह्न लगते हैं।

अधिकारियों के पक्ष का इंतजार

समाचार लिखे जाने तक संबंधित ग्राम प्रधान, सचिव, तकनीकी कर्मियों एवं ब्लॉक प्रशासन का आधिकारिक पक्ष प्राप्त नहीं हो सका था। यदि संबंधित अधिकारियों द्वारा कोई स्पष्टीकरण या प्रतिक्रिया दी जाती है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

जांच के बाद ही स्पष्ट होगी स्थिति

फिलहाल रामपुर कला ग्राम पंचायत में मनरेगा कार्यों को लेकर उठे सवाल चर्चा का विषय बने हुए हैं। अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई और संभावित जांच पर टिकी हैं। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।