नकली सोने की मोहरों से 20 लाख की ठगी, राजस्थान की महिला समेत तीन गिरफ्तार बरेली पुलिस ने ऐसे किया खुलासा

बरेली। किला पुलिस ने नकली सोने की मोहरों के जरिए सुनारों और व्यापारियों को करोड़ों की ठगी का झांसा देने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए राजस्थान की एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह के सदस्य पहले असली आभूषण गिरवी रखकर भरोसा जीतते थे और बाद में सोने की परत चढ़ी नकली मोहरें देकर लाखों रुपये की नकदी और असली जेवर हड़प लेते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से असली-नकली मोहरें, जेवर, फर्जी आधार कार्ड, डायरी, मोबाइल फोन और नकदी बरामद की है। थाना किला क्षेत्र के जकाती निवासी विपिन कुमार रस्तोगी ने पांच जून को शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपियों ने 190 ग्राम की 19 नकली सोने की मोहरें देकर करीब 20 लाख रुपये नकद, दो जोड़ी चांदी की पायल, दो चांदी की चेन, सोने की अंगूठियां समेत अन्य आभूषण धोखाधड़ी से हासिल कर लिए। इस मामले में थाना किला में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की थी। सीसीटीवी, सीडीआर और सर्विलांस से खुला राज जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल सीडीआर और सर्विलांस की मदद से आरोपियों की पहचान की। विवेचना में सामने आया कि मुकदमे में भगवान सिंह के नाम से दर्ज आरोपी का वास्तविक नाम महेंद्र पुत्र सोहनपाल है। इसके बाद पुलिस ने बुधवार को श्मशान भूमि फाटक के पास मिट्टी के टीले से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में भरतपुर निवासी महेंद्र पुत्र सोहनपाल, उसका साथी सुरेश पुत्र महेंद्र और अलवर निवासी बबली उर्फ बब्बू पत्नी अतर सिंह शामिल हैं। पुलिस के अनुसार तीनों संगठित गिरोह के रूप में अलग-अलग शहरों में वारदातों को अंजाम देते थे। असली जेवर रखकर जीतते थे भरोसा, फिर नकली मोहरों से करते थे खेल पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पहले असली आभूषण गिरवी रखकर व्यापारियों का विश्वास जीतते थे। इसके बाद नकली धातु पर सोने की परत चढ़ाकर उसे असली मोहर बताकर लाखों रुपये की नकदी और जेवर हासिल कर लेते थे। पहचान छिपाने के लिए फर्जी आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों का भी इस्तेमाल किया जाता था। ठगी से मिली रकम गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 11 पीली धातु की मोहरें, चार नकली सोने की मोहरें, एक सफेद धातु की चेन, चार चूड़ियां, एक अंगूठी, एक फर्जी आधार कार्ड, छह डायरी, तीन मोबाइल फोन और 10,550 रुपये नकद बरामद किए हैं। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में बीएनएस की अतिरिक्त धाराएं भी बढ़ाई गई हैं। बिथरी चैनपुर में भी दर्ज है मुकदमा पुलिस जांच में सामने आया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ थाना बिथरी चैनपुर में भी इसी तरह की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज है। पुलिस अब गिरोह की अन्य वारदातों और संभावित साथियों की जानकारी जुटा रही है। इस कार्रवाई में किला इंस्पेक्टर अचल कुमार, सर्विलांस टीम, उपनिरीक्षक कृष्ण कुमार, जाकिर अली, महिला उपनिरीक्षक प्रियंका खरे तथा थाना किला की पुलिस टीम की अहम भूमिका रही। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के नेटवर्क और अन्य घटनाओं की भी जांच कर रही है।