स्व. अमित सिंह के परिवार को आर्थिक सहायता देकर मानवता परिवार ने सहयोग का नया कीर्तिमान रचा

फतेहपुर। सामाजिक सहयोग और मानवीय संवेदनाओं की मिसाल पेश करते हुए मानवता परिवार ने जनपद फतेहपुर के धाता निवासी स्वर्गीय अमित सिंह के परिवार को ₹4,00,269 की आर्थिक सहायता प्रदान की है। यह राशि संस्था के हजारों सदस्यों द्वारा किए गए छोटे-छोटे योगदानों से एकत्रित की गई, जिससे संकट की घड़ी में परिवार को आर्थिक संबल उपलब्ध कराया जा सका।38 वर्षीय अमित सिंह के आकस्मिक निधन के बाद मानवता परिवार उनके परिजनों के साथ मजबूती से खड़ा हुआ। संस्था की पारदर्शी एवं व्यवस्थित प्रक्रिया के अंतर्गत समस्त सहायता राशि सीधे उनकी नॉमिनी श्रीमती प्रतिमा सिंह के बैंक खाते में हस्तांतरित की गई।मानवता परिवार के मंडल प्रभारी अभिलाष कुमार जी ने बताया कि संस्था का उद्देश्य आर्थिक संकट से जूझ रहे परिवारों को सामूहिक सहयोग के माध्यम से सहायता प्रदान करना है। संस्था के नियमों के अनुसार, 90 दिनों से अधिक समय से जुड़े सदस्य की मृत्यु होने पर उसके नामित परिजन को आर्थिक सहयोग दिया जाता है। इसके अतिरिक्त सामान्य दुर्घटनाओं में उपचार हेतु सहायता तथा गंभीर दुर्घटना एवं गंभीर बीमारी की स्थिति में विशेष आर्थिक सहयोग का भी प्रावधान है।उन्होंने बताया कि अब तक संस्था द्वारा 4 मृतक सदस्यों के परिवारों को कुल ₹13,55,149 की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। वहीं 12 सदस्यों को सामान्य दुर्घटनाओं के दौरान उपचार एवं राहत हेतु ₹4,33,689 की सहायता उपलब्ध कराई गई है। यह उपलब्धि संस्था के सदस्यों की सेवा भावना, सामाजिक उत्तरदायित्व और परस्पर सहयोग की भावना का परिणाम है।इस अवसर पर इलाहाबाद मंडल प्रभारी अभिलाष कुमार, मंडल प्रभारी अभिलाष कुमार, नगर प्रभारी सुशील राज, मीडिया प्रभारी महेश त्रिपाठी, जितेंद्र कुमार, राम किशन गुप्ता , अतुल गुप्ता, प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर संदीप कुमार मृतक नॉमिनी प्रतिमा , अनुज , बाबा हरिश्चंद्र, ग्राम प्रधान सत्येंद्र पाठक, समाज सेवी नितिन सिंह एवं सदस्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।मानवता परिवार की यह पहल समाज में यह संदेश दे रही है कि संगठित प्रयास, संवेदनशीलता और सामूहिक सहयोग के माध्यम से किसी भी जरूरतमंद परिवार को कठिन परिस्थितियों में अकेला नहीं छोड़ा जा सकता। संस्था भविष्य में भी इसी प्रकार मानव सेवा और सामाजिक सहयोग के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाती रहेगी।