गंगा घाटों में साफ सफाई न होने पर खंड विकास अधिकारी से डीएम ने मांगा स्पष्टीकरण

जिला गंगा समिति की बैठक में धारा परिवर्तित होने का छाया मुद्दा, डीएम ने सेतु निगम को दिए निर्देश
फतेहपुर l जिला गंगा समिति एवं जिला पर्यावरण समिति की बैठक कलेक्ट्रेट महात्मा गांधी सभागार में जिलाधिकारी श्रीमती निधि गुप्ता वत्स की अध्यक्षता में संपन्न हुई। उन्होंने खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने क्षेत्र में गंगा/यमुना नदियों के किनारे बसे ग्रामों जिसका पानी नदियों में सीधे जाता है, को चिन्हित कर फिल्टर चेंबर बनवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि घाटों की नियमित साफ-सफाई कराए साथ ही पड़ने वाले पर्वो/अमावस्या में साफ-सफाई अवश्य कराए। पूर्व में सोमवती अमावस्या में ओम घाट में साफ - सफाई न मिलने पर खंड विकास अधिकारी भिटौरा से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश सम्बन्धित को दिए। उन्होंने कहा कि कैच द रैन (जल संरक्षण) के लिए जिन सरकारी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं बना है,को चिन्हित करते हुए कार्ययोजना बनाकर रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनवाए एवं ग्राम पंचायतों में लगे इंडिया मर्का हैंडपाइप व विद्यालयो में हैंडवास सिस्टम लगा है में भी कार्ययोजना बनाकर सोखता गड्ढा बनवाना सुनिश्चित करें जिससे कि ज्यादा से ज्यादा जल का संरक्षण किया जा सके। उन्होंने कहा कि ओम घाट के पास में गंगा की धारा जो परिवर्तन हुई है, के लिए प्रभागीय वनाधिकारी को निर्देशित किया कि एक टीम बनाकर इसका निरीक्षण कर गंगा की धारा को जल्द से जल्द सही कराने का कार्य पूर्ण करे। उन्होंने कहा कि निर्मल गंगा, अविरल गंगा, जन गंगा, ज्ञान गंगा, अर्थ गंगा के तहत किए जा रहे कार्यों/जन जागरूकता बढ़ाए। उन्होंने कहा कि गंगा के किनारे ग्रामों में ज्यादा से ज्यादा कृषकों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रोत्साहित करें।
जिला पर्यावरण समिति की बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, जैव चिकित्सा अपशिष्ट, ई?वेस्ट प्रबंधन, सिंगल यूज प्लास्टिक की रोकथाम आदि बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने समस्त अधिशाषी अधिकारियों नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत को निर्देशित किया कि सिंगल यूज प्लास्टिक की जब्तीकरण की कार्यवाही में तेजी लाए, साथ ही नियमित निरीक्षण कर जब्तीकरण की कार्यवाही करे और जुर्माना भी लगाए। व्यापारियों/दुकानदारो को सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग न करने के लिए जागरूक करे साथ ही कपड़े/जूट के थैले का प्रयोग करने के लिए प्रेरित करें। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन अलग अलग(सुखा/गीला)संवेदनशीता के साथ करते हुए इसका निस्तारण नियमानुसार कराये ।उन्होंने कहा कि सभी एमआरएफ सेंटर को पूर्ण क्षमता के साथ क्रियाशील किया जाए और रिपोर्ट से भी अवगत कराये। जैव चिकित्सा अपशिष्ट का निस्तारण सही तरीके से कराया जाय एवं निजी अस्पतालों द्वारा कराए जा रहे जैव चिकित्सा अपशिष्ट कि जांच करने के निर्देश क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी को दिए और रिपोर्ट से भी अवगत कराए। उन्होंने कहा कि वर्षा काल 2026-27 में वृक्षारोपण कराने के लिए जो संशोधित लक्ष्य प्राप्त हुआ है, के अनुसार विभाग अपनी कार्ययोजना बनाए साथ ही जो पौधे रोपित किए गए हैं उनका संरक्षण अवश्य करें। उन्होंने सड़क निर्माण से सम्बन्धित कार्यदाई संस्थाओं से कहा कि सड़क के किनारे भी पौधरोपण कराए।उन्होंने पिछली बैठक की कार्यवाही की पुष्टि की एवं पर्यावरण एवं गंगा समिति से संबंधित बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की और संबंधितों को आवश्यक दिशा निर्देश दिएlइस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी पवन सिंह मीणा, अपर जिलाधिकारी विनय पांडे , डीएफओ, डीसी मनरेगा, जिला पंचायत राज अधिकारी, नामित सदस्य/संयोजक नमामि गंगे श्री शैलेन्द्र शरन सिंपल, जिला परियोजना अधिकारी गंगा सुरक्षा समिति ज्ञान तिवारी, खंड विकास अधिकारी, ईओ, समिति के नामित सदस्य सहित सम्बंधित उपस्थित रहे।