जम्मू मंडल के स्टेशनों की बदली तस्वीर, यात्रियों के आकर्षण का केंद्र बने पठानकोट-जोगिंदर नगर रेलखंड के स्टेशन

जम्मू। जम्मू रेल मंडल के गठन के बाद रेलवे स्टेशनों के विकास और सौंदर्यीकरण को नई गति मिली है। इसका सबसे बेहतर उदाहरण हिमाचल प्रदेश में स्थित पठानकोट-जोगिंदर नगर नैरोगेज रेलखंड पर देखने को मिल रहा है, जहां इंजीनियरिंग विभाग की सक्रिय कार्यशैली और सतत निगरानी के कारण स्टेशनों की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है।

इस परिवर्तन के पीछे इंजीनियरिंग विभाग के वरिष्ठ मंडल अभियंता शुभम पवार और उनकी टीम की मेहनत को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके नेतृत्व में इस रेलखंड के अंतर्गत आने वाले सभी रेलवे स्टेशनों पर स्वच्छता, रखरखाव, सौंदर्यीकरण और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। परिणामस्वरूप आज ये स्टेशन पहले की तुलना में कहीं अधिक आकर्षक, व्यवस्थित और स्वच्छ दिखाई दे रहे हैं।

पहाड़ों की खूबसूरत वादियों से गुजरने वाले इस ऐतिहासिक रेलमार्ग पर आने वाले यात्रियों और पर्यटकों को अब स्टेशनों पर एक अलग ही अनुभव प्राप्त हो रहा है। लंबे समय बाद यात्रा करने पहुंचे कई यात्रियों ने स्टेशनों की बदली हुई सूरत की सराहना करते हुए कहा कि परिसर पहले से अधिक साफ-सुथरे, सुव्यवस्थित और स्वागतयोग्य नजर आ रहे हैं। अनेक यात्री स्टेशन परिसर और वहां किए गए सौंदर्यीकरण की तस्वीरें अपने मोबाइल फोन में कैद कर रहे हैं तथा सोशल मीडिया पर साझा कर रेलवे के प्रयासों की प्रशंसा कर रहे हैं।

रेलवे सूत्रों के अनुसार स्टेशनों की साफ-सफाई, भवनों के रखरखाव, प्लेटफॉर्मों की सुंदरता, हरित वातावरण और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। यही कारण है कि पठानकोट से जोगिंदर नगर तक के स्टेशन अब यात्रियों के लिए केवल ठहराव स्थल नहीं बल्कि आकर्षण का केंद्र भी बन गए हैं।

जम्मू मंडल के गठन के बाद रेलवे प्रशासन द्वारा यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और रेलवे परिसंपत्तियों को उत्कृष्ट स्वरूप देने की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। इंजीनियरिंग विभाग की इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि समर्पण, दूरदृष्टि और प्रभावी कार्यान्वयन से रेलवे स्टेशनों को नई पहचान दी जा सकती है।

स्थानीय नागरिकों, पर्यटकों और रेल यात्रियों की सकारात्मक प्रतिक्रियाएं इस बात का प्रमाण हैं कि जम्मू मंडल के अंतर्गत स्टेशन विकास के लिए किए जा रहे प्रयास जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहे हैं और यात्रियों का भरोसा लगातार मजबूत कर रहे हैं।