गर्मी-उमस भी नहीं रोक पाई भक्तों के कदम, वैष्णो देवी यात्रा में बढ़ रहा उत्साह

प्रचंड गर्मी भी नहीं डिगा पा रही आस्था, मां वैष्णो देवी दरबार में उमड़ रहा श्रद्धालुओं का सैलाब

कटड़ा। भीषण गर्मी, उमस और बदलते मौसम के बावजूद मां वैष्णो देवी के भक्तों की आस्था पहले से अधिक मजबूत दिखाई दे रही है। त्रिकूट पर्वत की कठिन चढ़ाई और मौसम की चुनौतियां भी श्रद्धालुओं के उत्साह को कम नहीं कर पा रही हैं। देशभर से आने वाले हजारों श्रद्धालु जय माता दी के जयकारों के साथ निरंतर भवन की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे कटड़ा और पूरे यात्रा मार्ग पर भक्तिमय माहौल बना हुआ है।

मंगलवार को भी कटड़ा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। मौसम में उतार-चढ़ाव और बादलों की आवाजाही के बीच श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर रहा। यात्रा मार्ग पर हर उम्र के श्रद्धालु पूरे जोश और विश्वास के साथ आगे बढ़ते नजर आए। परिवारों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों में मां के दरबार तक पहुंचने की अद्भुत लगन देखने को मिली।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा यात्रा मार्ग पर शीतल पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, विश्राम स्थलों और अन्य आवश्यक सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था की गई है। हेलीकॉप्टर, बैटरी कार, रोपवे, घोड़ा, पिट्ठू और पालकी जैसी सेवाएं भी श्रद्धालुओं की यात्रा को अधिक सुगम बना रही हैं। प्रशासन और श्राइन बोर्ड के प्रयासों से यात्रा व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित हो रही हैं।

मां वैष्णो देवी के दर्शन के बाद श्रद्धालु भैरव घाटी पहुंचकर बाबा भैरवनाथ के दर्शन कर अपनी धार्मिक यात्रा पूर्ण कर रहे हैं। वहीं कटड़ा के बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है। श्रद्धालु प्रसाद, स्मृति चिन्ह और धार्मिक सामग्री की खरीदारी कर स्थानीय व्यापार को भी नई ऊर्जा दे रहे हैं।

यात्रा मार्ग पर सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। श्राइन बोर्ड, पुलिस, सीआरपीएफ और आपदा प्रबंधन दल के अधिकारी एवं जवान लगातार निगरानी बनाए हुए हैं, जिससे श्रद्धालु सुरक्षित और निश्चिंत होकर यात्रा कर सकें।

श्राइन बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार 1 जून को 37,100 श्रद्धालुओं ने मां वैष्णो देवी के दर्शन किए, जबकि मंगलवार दोपहर तक लगभग 26 हजार श्रद्धालु पंजीकरण करवाकर भवन की ओर रवाना हो चुके थे। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या इस बात का प्रमाण है कि आस्था के सामने गर्मी, उमस और मौसम की चुनौतियां भी छोटी पड़ जाती हैं।

मां वैष्णो देवी के दरबार में उमड़ रही यह श्रद्धा और विश्वास की लहर न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सच्ची भक्ति हर कठिनाई पर विजय प्राप्त कर लेती है।