ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल बने रेलवे कर्मचारी, यात्री का खोया बैग लौटाया

कोलकाता। रेलवे कर्मचारियों की ईमानदारी और जनसेवा के प्रति समर्पण का एक प्रेरणादायक उदाहरण सियालदह मंडल में देखने को मिला, जहां एक मुख्य टिकट निरीक्षक ने यात्री का खोया हुआ बैग सुरक्षित बरामद कर उसे उसके वास्तविक मालिक तक पहुंचाया।

घटना सियालदह-कल्याणी एसी लोकल (ट्रेन संख्या 31347) की है। यात्रा के दौरान एक यात्री अपना बैग ट्रेन में ही भूल गया था। बैग में पैन कार्ड, एटीएम और डेबिट कार्ड सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज तथा 600 रुपये नकद रखे हुए थे।

ड्यूटी पर तैनात मुख्य टिकट निरीक्षक बिस्वजीत आचार्य की नजर ट्रेन में पड़े लावारिस बैग पर पड़ी। उन्होंने तुरंत बैग को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया और उसमें मौजूद दस्तावेजों की सहायता से उसके मालिक का पता लगाने का प्रयास शुरू किया। उनकी तत्परता और सूझबूझ के चलते यात्री से संपर्क स्थापित कर लिया गया और उसे उसके सामान के सुरक्षित होने की जानकारी दी गई।

वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों की निगरानी में आवश्यक सुरक्षा औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बैग को उसके सभी सामान के साथ यात्री को सौंप दिया गया। अपना खोया हुआ सामान वापस मिलने पर यात्री ने राहत व्यक्त करते हुए श्री बिस्वजीत आचार्य और सियालदह मंडल का आभार जताया।

यात्री ने कहा कि रेलवे कर्मचारियों की ईमानदारी, त्वरित कार्रवाई और सेवा भावना ने उसका विश्वास और मजबूत किया है। यह घटना न केवल रेलवे कर्मचारियों की जिम्मेदारी और निष्ठा को दर्शाती है, बल्कि यात्रियों के प्रति उनकी संवेदनशीलता का भी उत्कृष्ट उदाहरण है।