‘बिजनेस कॉन्क्लेव 2026’ से सियालदह मंडल की नई पहल, रेलवे को मिलेगा गैर-किराया राजस्व बढ़ाने का बड़ा मंच

कोलकाता। पूर्व रेलवे के सियालदह मंडल ने गैर-किराया राजस्व (एनएफआर) बढ़ाने और यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सियालदह स्थित मंथन ऑडिटोरियम में बिजनेस कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन किया। इस मेगा सम्मेलन के जरिए रेलवे परिसरों को आधुनिक नवाचार और सतत विकास के केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया गया।सियालदह मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सुनील कुमार महला की पहल पर आयोजित इस कॉन्क्लेव में विभिन्न क्षेत्रों के उद्योगपति, उद्यमी और विशेषज्ञ शामिल हुए। कार्यक्रम में पारंपरिक विज्ञापन मॉडल से आगे बढ़कर नवाचारी व्यावसायिक विचारों और सार्वजनिक-निजी सहभागिता को बढ़ावा देने पर विशेष चर्चा की गई।कॉन्क्लेव के दौरान विशेषज्ञों ने रेलवे के विशाल नेटवर्क और भारी यात्री आवागमन का बेहतर उपयोग कर नए राजस्व स्रोत विकसित करने के सुझाव दिए। साथ ही यात्रियों के अनुभव को आधुनिक सेवाओं के माध्यम से और बेहतर बनाने पर भी मंथन हुआ।इस अवसर पर सियालदह मंडल के मंडल रेल प्रबंधक राजीव सक्सेना ने कहा कि रेलवे स्टेशन केवल यातायात केंद्र नहीं बल्कि समुदाय की संपत्ति हैं। उन्होंने कहा कि जब समाज की रचनात्मक सोच रेलवे के भविष्य से जुड़ती है, तभी वास्तविक नवाचार संभव हो पाता है।वहीं पूर्व रेलवे के प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबंधक डॉ. उदय शंकर झा ने इस पहल को सार्वजनिक-निजी साझेदारी की दिशा में एक नया अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि पूर्व रेलवे की व्यापक पहुंच और व्यावसायिक साझेदारों की उद्यमशीलता भावना मिलकर ऐसे स्थायी राजस्व मॉडल तैयार कर सकती है, जिनका सीधा लाभ यात्रियों को मिलेगा।