सियालदह-लालगोला सेक्शन में यात्रियों को बड़ी सौगात, 14 मई से MEMU सेवाओं का बड़ा विस्तार

कोलकाता। सियालदह मंडल द्वारा यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सियालदह-लालगोला रेलखंड पर MEMU सेवाओं में बड़ा विस्तार किया जा रहा है। सियालदह/कोलकाता से लालगोला तक लगभग 220 किलोमीटर की यात्रा में करीब 5 घंटे का समय लगता है। इस लंबी दूरी के दौरान यात्रियों द्वारा शौचालय सुविधा की मांग लंबे समय से की जा रही थी।

यात्रियों की इसी बहुप्रतीक्षित मांग को पूरा करने के लिए सियालदह मंडल ने 14 मई 2026 से एक अतिरिक्त आधुनिक MEMU रेक शुरू करने का निर्णय लिया है। यह सुविधा विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए राहतकारी साबित होगी।

एक से बढ़कर अब छह MEMU सेवाएं

इस विस्तार के साथ सियालदह-लालगोला मार्ग पर कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पहले इस सेक्शन में केवल एक MEMU सेवा संचालित होती थी, जिसे अब बढ़ाकर छह सेवाएं कर दिया गया है। इसके तहत निम्नलिखित MEMU ट्रेनों की शुरुआत की गई है?

63105/63104

63107/63106

63177/63108 (सियालदह-लालगोला MEMU पैसेंजर, जो पहले EMU रेक से संचालित होती थीं)

रानाघाट तक भी बढ़ी कनेक्टिविटी

सियालदह मंडल द्वारा रानाघाट क्षेत्र की कनेक्टिविटी को भी मजबूत किया गया है। दैनिक यात्रियों की सुविधा के लिए नई 63111 सियालदह-रानाघाट MEMU पैसेंजर सेवा शुरू की गई है।

वहीं 63133/63134 MEMU पैसेंजर सेवाओं के माध्यम से रानाघाट-लालगोला खंड में MEMU सेवाओं की आवृत्ति को दोगुना कर दिया गया है।

EMU से संचालित होगी 63101/63102 सेवा

एक अन्य परिचालन बदलाव के तहत कोलकाता स्टेशन-लालगोला (63101/63102) सेवा, जो पहले MEMU रेक से संचालित होती थी, उसे फिलहाल EMU सेवा से चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य MEMU रेकों का अधिकतम और प्रभावी उपयोग कर यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है।

डीआरएम ने कही यह बात

इस संबंध में डीआरएम/सियालदह राजीव सक्सेना ने बताया कि इन रणनीतिक परिवर्तनों का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को स्वच्छ, सुविधाजनक और सम्मानजनक यात्रा अनुभव उपलब्ध कराना है। आधुनिक MEMU रेकों को शामिल कर सियालदह मंडल हजारों दैनिक यात्रियों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता देते हुए लगातार बेहतर परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में कार्यरत है।

रेलवे के इस कदम से सियालदह-लालगोला सेक्शन पर यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा और रेल यात्रा पहले से अधिक आरामदायक बनेगी।