9 घंटे से कम समय में पुराना रेलवे पुल हटाकर नया पुल तैयार, अजमेर मंडल की बड़ी उपलब्धि

अजमेर। उत्तर पश्चिम रेलवे के अजमेर मंडल में संरक्षित एवं सुरक्षित रेल संचालन को मजबूत करने की दिशा में एक उल्लेखनीय कार्य किया गया। मारवाड़-आबू रोड रेल मार्ग पर स्थित पुराने रेलवे पुल को 9 घंटे से भी कम समय में ध्वस्त कर नया पुल तैयार कर दिया गया। इसके बाद रेल यातायात को निर्धारित समय से पहले ही बहाल कर दिया गया।उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को सुरक्षित बनाए रखने के लिए समय-समय पर पटरियों की मरम्मत, रखरखाव एवं सुधार कार्य आवश्यक होते हैं। इसी उद्देश्य से विभिन्न रेलखंडों पर सीमित समय के लिए यातायात प्रतिबंधित कर कार्य निष्पादित किए जाते हैं।उन्होंने बताया कि आउवा और भिंवालिया स्टेशनों के मध्य स्थित रेलवे पुल संख्या 605 को हटाकर नया पुल बनाने के लिए दोपहर 12:45 बजे ब्लॉक लिया गया था। निर्धारित योजना के अनुसार टीमों ने तेजी से कार्य करते हुए 16 ब्लॉक सेगमेंट और 12 स्लैब लगाकर नया पुल तैयार कर दिया और रात 21:30 बजे ब्लॉक समाप्त कर रेल मार्ग को यातायात के लिए खोल दिया गया।रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह कार्य अजमेर मंडल की एक सराहनीय उपलब्धि है, क्योंकि इतने कम समय में पुल का पुनर्निर्माण कर रेल संचालन को सुचारू कर दिया गया।ब्लॉक अवधि का अधिकतम उपयोग करते हुए रेल मरम्मत एवं अनुरक्षण से जुड़े कई अन्य कार्य भी सफलतापूर्वक पूरे किए गए। इस दौरान सुमेरपुर जवाई बांध स्टेशन पर 12 मीटर पैदल पुल के 10 गर्डर लगाए गए, 4 वेल्डिंग के साथ 2 WCMS क्रॉसिंग लगाए गए, 8 वेल्डिंग के साथ 2 रेल एवं 1 SEJ बदला गया, 11 ग्लू जॉइंट का नवीनीकरण किया गया तथा 10 एसईजे फ्लेंज का यूएसएफडी परीक्षण किया गया। इसके साथ ही यूटीवी द्वारा 8 रेल और 7 क्रॉसिंग का परिवहन भी किया गया।इसके अतिरिक्त मदार-मारवाड़ रेलखंड में 750 घन मीटर गिट्टी की अनलोडिंग, एफआरएम द्वारा 1200 मीटर शोल्डर गिट्टी की सफाई, बीसीएम द्वारा 380 मीटर डीप स्क्रीनिंग तथा यूएनआईएमएटी द्वारा 2.8 टर्नआउट सहित कई कार्य पूरे किए गए।रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया कि उनका निरंतर प्रयास रहता है कि कार्यों को न्यूनतम अवरोध के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए, ताकि यात्रियों को सुरक्षित, संरक्षित और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराई जा सके।