प्रयागराज मंडल की बड़ी कार्रवाई, गऊघाट क्षेत्र से रेलवे की 6500 वर्ग मीटर भूमि अतिक्रमण मुक्त

प्रयागराज मंडल की बड़ी कार्रवाई, गऊघाट क्षेत्र से रेलवे की 6500 वर्ग मीटर भूमि अतिक्रमण मुक्त

करीब 100 करोड़ रुपये मूल्य की भूमि खाली कराई गई, अभियान में रेलवे-आरपीएफ व जिला प्रशासन की संयुक्त टीम रही मौजूद

प्रयागराज। प्रयागराज मंडल रेल प्रबंधक रजनीश अग्रवाल के नेतृत्व में रेलवे प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शनिवार को प्रयागराज जंक्शन परिक्षेत्र के गऊघाट क्षेत्र में रेलवे की अनधिकृत रूप से कब्जाई गई भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। यह अभियान 02 मई 2026 को चलाया गया, जिसमें रेलवे, आरपीएफ और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने मौके पर रहकर कार्रवाई को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया।

रेलवे प्रशासन के अनुसार इस अभियान का समन्वय अपर मंडल रेल प्रबंधक (सामान्य) दीपक कुमार द्वारा किया गया। संयुक्त कार्रवाई के दौरान अवैध कब्जे को हटाकर लगभग 6500 वर्ग मीटर रेलवे भूमि खाली कराई गई, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 100 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

इंजीनियरिंग विभाग व आरपीएफ की सक्रिय भूमिका

अभियान में रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग की ओर से मंडल इंजीनियर (एस्टेट) वी.के. त्रिपाठी, सहायक मंडल इंजीनियर प्रवीन कुमार श्रीवास्तव, रामचंद्र सिंह, वरिष्ठ अनुभाग अभियंता शशिकांत तिवारी, SSE/IOW/HQ सत्य प्रकाश सहित लगभग 20 कर्मचारी सक्रिय रूप से शामिल रहे।

रेलवे सुरक्षा बल की ओर से सहायक सुरक्षा आयुक्त सुरेश यादव और प्रभारी निरीक्षक प्रयागराज अमित मीणा करीब 24 आरपीएफ कर्मियों के साथ मौके पर मौजूद रहे।

60 पुलिसकर्मियों के साथ जिला प्रशासन रहा तैनात

जिला प्रशासन व सिविल पुलिस की ओर से सहायक पुलिस आयुक्त (अतरसुइया) निकिता श्रीवास्तव, नायब तहसीलदार राजेश कुमार यादव के साथ कीडगंज, अतरसुइया, कोतवाली, घूमनगंज और खुल्दाबाद थानों के प्रभारी निरीक्षक एवं करीब 60 पुलिसकर्मी मौजूद रहे।

रेलवे ने दी चेतावनी, आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई

रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि रेलवे भूमि पर किसी भी प्रकार का अनधिकृत कब्जा पूर्णतः अवैध है। ऐसे मामलों में आगे भी इसी प्रकार कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। रेलवे ने आमजन से अपील की है कि रेलवे की भूमि पर अतिक्रमण न करें और यदि कहीं अवैध कब्जा हो तो इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दें।

रेलवे प्रशासन ने कहा कि इस तरह के अभियानों के माध्यम से रेलवे परिसंपत्तियों की सुरक्षा, संरक्षा और सुव्यवस्थित उपयोग सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।