मुरादाबाद। मृणाली अविनाश जोशी सीडीओ की पहल से शिक्षा व्यवस्था को मिलेगी नई गति, आरटीई प्रवेश व एमडीएम सुविधाओं पर जोर

मुरादाबाद। जिले में शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम उठाते हुए आज दिनांक 28 अप्रैल 2026 को विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में बेसिक शिक्षा विभाग एवं पंचायत राज विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता, बच्चों के प्रवेश, मिड-डे मील व्यवस्था और विद्यालयों में सुविधाओं के विकास को लेकर व्यापक चर्चा की गई।

बैठक में बताया गया कि आरटीई योजना के तहत 7124 बच्चों का चयन लॉटरी के माध्यम से हो चुका है, जिसमें से अब तक 5747 बच्चों का विद्यालयों में प्रवेश सुनिश्चित किया जा चुका है। शेष बच्चों के प्रवेश को लेकर भी प्रशासन ने तेजी लाने का निर्णय लिया है ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रह जाए।

सीडीओ ने निर्देश दिए कि प्रवेश से वंचित बच्चों के लिए विशेष टीमों का गठन किया जाएगा, जो विद्यालय स्तर पर जाकर प्रबंधन से समन्वय कर प्रवेश की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कराएंगी। यह कदम शिक्षा के अधिकार को मजबूती देने वाला माना जा रहा है।

इसके साथ ही बैठक में मिड-डे मील योजना को और बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया। नगर क्षेत्र के विद्यालयों में समय से भोजन निर्माण की व्यवस्था पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। वहीं जिन विद्यालयों में पर्याप्त स्थान उपलब्ध है, वहां ग्राम पंचायत के सहयोग से एमडीएम शेड निर्माण सुनिश्चित करने की बात कही गई, जिससे बच्चों को भोजन व्यवस्था में बेहतर सुविधा मिलेगी।

ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत विद्यालयों में टाईलीकरण, फर्नीचर और अन्य बुनियादी सुविधाओं को शीघ्र पूर्ण कराने पर भी चर्चा हुई। जिन विद्यालयों में फर्नीचर की कमी है, उनकी सूची तैयार कर ग्राम पंचायत के सहयोग से डेस्क-बेंच उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

सीडीओ ने विद्यालयों में बन रहे बाल मैत्रिक शौचालयों के सत्यापन को भी अनिवार्य बताया और निर्देश दिया कि सत्यापन के साथ-साथ फोटो रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखा जाए, जिससे कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे।

इस बैठक को जिले में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक प्रयास माना जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य है कि हर बच्चे को शिक्षा का अधिकार मिले और विद्यालयों में सुविधाएं बेहतर बनाकर बच्चों के लिए सुरक्षित व अनुकूल वातावरण तैयार किया जाए।