अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत जोधपुर मंडल के 14 स्टेशन बनेंगे विश्वस्तरीय, अगस्त तक समर्पण का लक्ष्य

जोधपुर। प्रधानमंत्री के विकसित भारत विज़न को साकार करने की दिशा में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत जोधपुर रेल मंडल में रेलवे स्टेशनों के संयुक्त विकास कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। इस योजना के अंतर्गत मंडल के 14 प्रमुख रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त विश्वस्तरीय स्वरूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और अत्याधुनिक यात्रा अनुभव प्राप्त हो सके।

रेलवे प्रशासन के अनुसार देशनोक रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास कार्य पूर्ण कर इसे राष्ट्र को समर्पित किया जा चुका है। वहीं डेगाना, रेन, गोटन, सुजानगढ़, रामदेवरा, फलोदी, बालोतरा, बाड़मेर, डीडवाना, मेड़ता रोड, नागौर, मारवाड़ भीनमाल और जालोर स्टेशनों पर निर्माण एवं उन्नयन कार्य तेज गति से चल रहा है। इन परियोजनाओं में लगभग 90 प्रतिशत तक प्रगति हो चुकी है और सभी स्टेशनों को अगस्त माह तक आमजन के लिए समर्पित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि प्रत्येक स्टेशन पर करीब 15 से 20 करोड़ रुपये की लागत से उच्च गुणवत्ता वाली यात्री सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत स्टेशनों पर आधुनिक एवं वातानुकूलित प्रतीक्षालय, स्वच्छ और उन्नत शौचालय, डिजिटल डिस्प्ले एवं सूचना प्रणाली, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी आधारित सुरक्षा तंत्र, दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं, सुगम प्रवेश-निकास मार्ग तथा व्यवस्थित पार्किंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

तीन बड़े स्टेशनों पर मेगा स्तर का पुनर्विकास रेलवे प्रशासन द्वारा मंडल के तीन प्रमुख स्टेशनों का मेगा स्तर पर पुनर्विकास भी किया जा रहा है। जोधपुर रेलवे स्टेशन को लगभग 474 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक स्वरूप में विकसित किया जा रहा है। जैसलमेर रेलवे स्टेशन पर करीब 140 करोड़ रुपये की लागत से कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि पाली रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास लगभग 97 करोड़ रुपये की लागत से प्रगति पर है।

इन परियोजनाओं में स्टेशन भवनों को आधुनिक डिजाइन के साथ-साथ स्थानीय वास्तुकला और सांस्कृतिक पहचान के अनुरूप विकसित किया जा रहा है, ताकि स्टेशन केवल यातायात केंद्र न रहकर शहर की पहचान का प्रतीक बन सकें।

क्षेत्रीय विकास को मिलेगा लाभ रेलवे अधिकारियों के अनुसार स्टेशन विकास कार्यों से क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय व्यापार एवं रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, शहरी अवसंरचना को मजबूती मिलेगी और यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्राप्त होंगी।

मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने कहा कि जोधपुर मंडल के रेलवे स्टेशन अब आधुनिकता, सुविधा और समग्र विकास के नए केंद्र के रूप में उभर रहे हैं, जो क्षेत्र की प्रगति को नई दिशा देंगे।