वित्त वर्ष 2025-26 में एनएफआर की बड़ी उपलब्धि, कनेक्टिविटी और आधुनिकीकरण में रचा नया रिकॉर्ड

वित्त वर्ष 2025-26 में एनएफआर की बड़ी उपलब्धि, कनेक्टिविटी और आधुनिकीकरण में रचा नया रिकॉर्ड

20 जोड़ी नई ट्रेनें शुरू, 35 ट्रेनों की गति बढ़ी, 675 मिनट की समय बचत

गुवाहाटी। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार और आधुनिकीकरण के क्षेत्र में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कर पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास को नई गति दी है। रेलवे प्रशासन के अनुसार एनएफआर ने यात्रियों की सुविधा और क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने के उद्देश्य से अपने विस्तार अभियान के तहत 20 जोड़ी नई ट्रेन सेवाएं शुरू की हैं, जिनमें प्रीमियम, सेमी-प्रीमियम और पारंपरिक श्रेणी की ट्रेनें शामिल हैं। इन नई सेवाओं से पूर्वोत्तर क्षेत्र का देश के अन्य हिस्सों से रेल संपर्क और अधिक सुदृढ़ हुआ है।

35 ट्रेनों की गति बढ़ी, 675 मिनट की बचत

परिचालन क्षमता बढ़ाने की दिशा में एनएफआर ने 35 ट्रेनों की गति में वृद्धि की है, जिससे कुल 675 मिनट की समय बचत दर्ज की गई है। इसका औसत देखें तो प्रति ट्रेन लगभग 19 मिनट की यात्रा समय बचत हुई है। इससे यात्रियों को तेज और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिल रहा है।

विद्युतीकरण में उल्लेखनीय प्रगति

एनएफआर ने वित्त वर्ष 2025-26 में 100 प्रतिशत विद्युतीकरण की दिशा में भी उल्लेखनीय प्रगति की है। इससे भारतीय रेलवे के सतत और ऊर्जा-कुशल संचालन के लक्ष्य को मजबूती मिली है। साथ ही लाइन क्षमता में वृद्धि और परिचालन दक्षता में सुधार हुआ है।

मिजोरम के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि: बइरबी-सायरंग रेल लाइन शुरू

बइरबी-सायरंग रेल लाइन के शुरू होने से मिजोरम को ऐतिहासिक रेल कनेक्टिविटी मिली है। रेलवे के अनुसार यात्री सेवाओं को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है और कई ट्रेनों में 100 प्रतिशत से अधिक ऑक्यूपेंसी दर्ज की जा रही है। इसके साथ ही माल ढुलाई में भी तेजी आई है, जिसमें सीमेंट, बैलास्ट, वाहन और अन्य सामग्रियों की ढुलाई शामिल है।

फ्रेट ऑपरेशन में नए माइलस्टोन

एनएफआर ने माल ढुलाई के क्षेत्र में कई नए कीर्तिमान भी स्थापित किए हैं। इनमें सायरंग में पहली बार ऑटोमोबाइल रेक की आवक, नागालैंड के मोलवोम में फ्रेट संचालन तथा मेघालय के मेंदीपथार में पहली बार पूरी मालगाड़ी लोडिंग जैसे महत्वपूर्ण माइलस्टोन शामिल हैं। इससे व्यापार, बाजार तक पहुंच और आर्थिक अवसरों को बड़ा बढ़ावा मिला है।

आधुनिकीकरण में नई पहचान: वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत ट्रेनें

एनएफआर में आधुनिकीकरण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिले हैं। रेलवे ने हावड़ा और गुवाहाटी के बीच भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस की शुरुआत की है। इसके साथ ही नई अमृत भारत ट्रेन और एलएचबी कोच वाली सेवाएं भी क्षेत्र को प्रदान की गई हैं।

अरुणाचल को मिलेगा फायदा: मुरक-गसेलेक-सिल्ले सेक्शन चालू

मुरक-गसेलेक-सिल्ले रेल सेक्शन के चालू होने से अरुणाचल प्रदेश में रेल कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी और दूरस्थ क्षेत्रों तक संपर्क और बेहतर होगा।

स्टेशनों का कायाकल्प: अमृत भारत स्टेशन योजना

एनएफआर ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कई रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं के साथ पुनर्विकसित करने की दिशा में कार्य तेज किया है। असम का हयबरगांव रेलवे स्टेशन एक मॉडल स्टेशन के रूप में उभर रहा है, जहां आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को स्थानीय विरासत के साथ जोड़ा गया है। वहीं पश्चिम बंगाल का कामाख्यागुड़ी रेलवे स्टेशन भी यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाओं के साथ अपग्रेड किया जा चुका है।

स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में भी बड़ा सुधार

एनएफआर ने केवल परिचालन ही नहीं, बल्कि कर्मचारियों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए भी कई कदम उठाए हैं। रेलवे अस्पतालों को आधुनिक उपकरणों और बेहतर सुविधाओं से अपग्रेड किया गया है, जबकि रेलवे स्कूलों को बेहतर बुनियादी ढांचे और डिजिटल शिक्षा व्यवस्था से सुसज्जित किया गया है।

रेल प्रशासन का कहना है कि ये सभी पहल एनएफआर के समग्र विकास दृष्टिकोण को दर्शाती हैं, जिससे यात्रियों को बेहतर सेवाएं, कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं और पूर्वोत्तर क्षेत्र को समावेशी विकास का लाभ मिल रहा है।

कपिंजल किशोर शर्मा, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, एनएफआर