जोधपुर में मेगा रेलवे हब को मंजूरी, भगत की कोठी बनेगा हाईटेक कोचिंग टर्मिनल

जोधपुर में मेगा रेलवे हब को मंजूरी, भगत की कोठी बनेगा हाईटेक कोचिंग टर्मिनल

रेल मंत्रालय ने करीब 400 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी, 2030 तक रेल संचालन क्षमता दोगुनी करने का लक्ष्य

जोधपुर। रेल मंत्रालय ने उत्तर पश्चिम रेलवे को बड़ी सौगात देते हुए जोधपुर के भगत की कोठी रेलवे स्टेशन पर मेगा रेलवे हब विकसित करने की महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी दे दी है। करीब 397.69 करोड़ रुपये की लागत से यह हाईटेक कोचिंग टर्मिनल विकसित किया जाएगा। इस परियोजना के पूरा होने के बाद जोधपुर की रेल संचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और वर्ष 2030 तक क्षमता को दोगुना करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि परियोजना के तहत भगत की कोठी स्टेशन को आधुनिक और उच्च क्षमता वाले टर्मिनल के रूप में विकसित किया जाएगा। वर्तमान में स्टेशन पर तीन प्लेटफॉर्म हैं, जबकि परियोजना के बाद यहां कुल सात प्लेटफॉर्म तैयार किए जाएंगे। सभी प्लेटफॉर्म लगभग 600 मीटर लंबाई के होंगे, जिससे लंबी दूरी की ट्रेनों के संचालन में सुविधा होगी। रेलवे प्रशासन ने परियोजना शुरू होने के बाद इसे दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

इस मेगा परियोजना के अंतर्गत रेल संचालन और कोच मेंटेनेंस को मजबूत बनाने के लिए अत्याधुनिक ढांचा तैयार किया जाएगा। यहां तीन पिट लाइन, दो सिक लाइन, 800 मीटर की व्हील लेथ व ड्रॉप पिट लाइन, दो वाशिंग कम स्टेबलिंग लाइन, पैसेंजर रनिंग लाइन, ऑटोमेटिक कोच वाशिंग प्लांट, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, पिट लाइन इंस्पेक्शन शेड और आधुनिक प्रशासनिक भवन जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार परियोजना पूरी होने के बाद जोधपुर सिटी स्टेशन की कुछ कोचिंग और मेंटेनेंस सुविधाओं को भगत की कोठी स्थानांतरित किया जा सकेगा। इससे जोधपुर सिटी स्टेशन पर दबाव कम होगा और वहां प्लेटफॉर्म विस्तार तथा यात्री सुविधाओं में सुधार संभव हो सकेगा। साथ ही ट्रेनों की संख्या बढ़ाने, बेहतर समयपालन और भीड़ प्रबंधन में भी सुविधा मिलेगी।

परियोजना के तहत यहां छह पिट लाइन वाला अत्याधुनिक यार्ड भी विकसित किया जाएगा, जहां प्रतिदिन 12 से 14 ट्रेनों के रखरखाव की क्षमता होगी। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नए प्लेटफॉर्मों पर लिफ्ट, एस्केलेटर और आधुनिक यात्री सूचना प्रणाली भी स्थापित की जाएगी। इसके साथ ही दूसरे प्रवेश द्वार और यात्री आवागमन क्षेत्र का भी समुचित विकास किया जाएगा।

रेलवे प्रशासन का कहना है कि यह परियोजना रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव तथा उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक अमिताभ के मार्गदर्शन में तैयार की गई है। इसके पूर्ण होने के बाद भगत की कोठी उत्तर पश्चिम रेलवे का प्रमुख हाईटेक रेलवे हब बनकर उभरेगा और जोधपुर को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क में एक नई पहचान दिलाएगा।