प्रयागराज–कानपुर रेलखंड पर स्वदेशी ‘कवच’ प्रणाली होगी लागू, रेल सुरक्षा में नया युग शुरू

प्रयागराज। उत्तर मध्य रेलवे ने रेल सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए प्रयागराज?कानपुर रेलखंड पर स्वदेशी'कवच'ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन प्रणाली लागू करने की तैयारी पूरी कर ली है। आगामी सप्ताह में इस अत्याधुनिक प्रणाली को करीब 190 रूट किलोमीटर के इस व्यस्त खंड पर चालू कर दिया जाएगा।

यह पहल मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के साथ-साथ भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण में एक मील का पत्थर साबित होगी। इसका मुख्य उद्देश्य मानवीय त्रुटियों को खत्म कर ट्रेनों के संचालन को और अधिक सुरक्षित व कुशल बनाना है।

व्यापक परीक्षण के बाद लिया गया निर्णय

'कवच' प्रणाली को लागू करने से पहले कई स्तरों पर गहन परीक्षण किए गए।

WAP-7 लोकोमोटिव के साथ 8, 16 और 22 कोच वाले LHB रेक पर सफल परीक्षण

20 कोच वाली वंदे भारत एक्सप्रेस रेक पर हाई-स्पीड ट्रायल

20,000 किलोमीटर से अधिक का पैसेंजर ट्रायल, जिसमें चौरी चौरा एक्सप्रेस भी शामिल

इन सफल परीक्षणों के बाद ही सिस्टम को पूरी तरह विश्वसनीय मानते हुए लागू करने का निर्णय लिया गया।

क्या है ?कवच? प्रणाली?

'कवच' एक अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा प्रणाली है, जो रेल संचालन में कई स्तरों पर सुरक्षा प्रदान करती है?

SPAD (Signal Passing at Danger) को रोकना

तय गति सीमा पार होने पर स्वतः नियंत्रण

आमने-सामने टक्कर की स्थिति में ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेक

ट्रेन की गति और ब्रेकिंग दूरी की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग

इससे ट्रेन संचालन पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और नियंत्रित हो जाएगा।

नेतृत्व और तकनीकी भूमिका

यह उपलब्धि नरेश पाल सिंह (महाप्रबंधक) के नेतृत्व और सत्येंद्र कुमार के तकनीकी मार्गदर्शन में हासिल की गई है। परीक्षण के दौरान श्री सत्येंद्र कुमार ने स्वयं लोकोमोटिव ट्रायल की निगरानी कर सभी सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित किया।

यात्रियों के लिए क्या मायने?

इस प्रणाली के लागू होने से

रेल दुर्घटनाओं की संभावना में भारी कमी आएगी

ट्रेनों की समयपालन क्षमता बेहतर होगी

यात्रियों को अधिक सुरक्षित, भरोसेमंद और आधुनिक यात्रा अनुभव मिलेगा

कुल मिलाकर,'कवच'प्रणाली का यह विस्तार भारतीय रेलवे को विश्वस्तरीय सुरक्षा मानकों की ओर ले जाने वाला एक बड़ा कदम है।