भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन से करें रामलला, काशी विश्वनाथ, जगन्नाथ धाम और गंगासागर तीर्थ के दर्शन

भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन से करें रामलला, काशी विश्वनाथ, जगन्नाथ धाम और गंगासागर तीर्थ के दर्शन

श्रद्धालुओं के लिए एक विशेष धार्मिक यात्रा का अवसर उपलब्ध कराया गया है। भारतीय रेलवे के उपक्रम Indian Railway Catering and Tourism Corporation ने श्रद्धालुओं की मांग को ध्यान में रखते हुए भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन के माध्यम से पुरी?गंगासागर?अयोध्या धाम धार्मिक यात्रा संचालित करने का निर्णय लिया है। यह यात्रा 9 मई 2026 से 19 मई 2026 तक आयोजित की जाएगी।

यह विशेष ट्रेन श्रीगंगानगर से 9 मई 2026 को रवाना होगी और रास्ते में हनुमानगढ़, चूरू, सीकर, रिंगस, जयपुर, भरतपुर, मथुरा, आगरा कैंट, ग्वालियर, झांसी और कानपुर जैसे स्टेशनों से यात्रियों को साथ लेते हुए आगे बढ़ेगी। लगभग 11 दिन की इस यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को कई प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर मिलेगा।

यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को पुरी में जगन्नाथ धाम, कोणार्क का सूर्य मंदिर, गंगासागर तीर्थ, कोलकाता का काली घाट मंदिर, जसडीह स्थित बैद्यनाथ धाम, गया का महाबोधि मंदिर और विष्णुपद मंदिर, वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर व गंगा आरती तथा अयोध्या में रामलला मंदिर और हनुमानगढ़ी सहित कई प्रमुख सनातन धार्मिक स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे।

आईआरसीटीसी जयपुर के अपर महाप्रबंधक योगेंद्र सिंह गुर्जर ने बताया कि यह भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगी। ट्रेन में तृतीय श्रेणी वातानुकूलित कोच, आधुनिक किचन कार, बायो टॉयलेट सहित कई सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। यात्रियों की सुविधा और बजट को ध्यान में रखते हुए यात्रा को स्टैंडर्ड और कंफर्ट दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है।

स्टैंडर्ड श्रेणी का किराया 27,890 रुपये रखा गया है, जिसमें एसी ट्रेन यात्रा, रात्रि विश्राम के लिए नॉन एसी आवास और स्थानीय भ्रमण के लिए नॉन एसी बस की व्यवस्था शामिल है। वहीं कंफर्ट श्रेणी का किराया 32,065 रुपये निर्धारित किया गया है, जिसमें एसी ट्रेन यात्रा के साथ एसी होटल में ठहरने और स्थानीय भ्रमण के लिए एसी बस की सुविधा उपलब्ध होगी।

यात्रा कार्यक्रम के अनुसार 11 मई को ट्रेन गया पहुंचेगी, जहां श्रद्धालुओं को महाबोधि मंदिर और विष्णुपद मंदिर के दर्शन कराए जाएंगे। इसके बाद ट्रेन पुरी के लिए रवाना होगी और 12 मई को पुरी पहुंचकर जगन्नाथ धाम के दर्शन कराए जाएंगे। 13 मई को कोणार्क के सूर्य मंदिर के दर्शन के बाद ट्रेन कोलकाता के लिए रवाना होगी।

14 मई को कोलकाता पहुंचने के बाद यात्रियों को बस के माध्यम से गंगासागर ले जाया जाएगा, जहां गंगासागर तीर्थ के दर्शन कराए जाएंगे। 15 मई को कोलकाता के काली घाट मंदिर के दर्शन के बाद ट्रेन जसडीह के लिए प्रस्थान करेगी, जहां 16 मई को बैद्यनाथ धाम के दर्शन कराए जाएंगे। इसके बाद ट्रेन वाराणसी पहुंचेगी, जहां 17 मई को काशी विश्वनाथ मंदिर, अन्नपूर्णा मंदिर और गंगा आरती के दर्शन का कार्यक्रम रहेगा।

18 मई को श्रद्धालु अयोध्या पहुंचकर रामलला मंदिर और हनुमानगढ़ी के दर्शन करेंगे। इसके बाद उसी रात ट्रेन श्रीगंगानगर के लिए रवाना होगी और 19 मई 2026 को यात्रा का समापन होगा।

इस पैकेज में यात्रियों को कन्फर्म बर्थ, होटल आवास, भोजन (नाश्ता, दोपहर का भोजन और रात्रि भोजन), पेयजल, स्थानीय परिवहन और बीमा जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकारी और सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारी वित्त मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार इस यात्रा पर एलटीसी सुविधा का भी लाभ ले सकते हैं।

यात्री इस टूर पैकेज की विस्तृत जानकारी आईआरसीटीसी की वेबसाइट www.irctctourism.com⁠� पर प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा अधिक जानकारी और बुकिंग के लिए 9001094705 और 8595930998 नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है या आईआरसीटीसी के क्षेत्रीय कार्यालय, जीवन प्रकाश बिल्डिंग, अंबेडकर सर्किल, भवानी सिंह रोड, जयपुर में भी संपर्क किया जा सकता है।